Bhadohi ATM Fraud Case:यहां एक अशिक्षित ग्रामीण व्यक्ति के नाम पर एटीएम कार्ड बनवाकर उसके खाते से करीब दो लाख रुपये निकाल लिए गए। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत दर्ज, दो लोग आरोपी बने
घटना सुरवाया थाने की है। पीड़ित हरिहर चौहान ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके बैंक खाते से धोखे से पैसे निकाल लिए गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने चित्रांश चौरसिया और दीपक सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।
प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि हरिहर का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में बचत खाता है, जिसमें उन्होंने लगभग दो लाख रुपये जमा किए थे।
खाते से ऐसे गायब हुए पैसे
श्रीवास्तव ने बताया कि हरिहर पढ़े-लिखे नहीं हैं और उन्होंने कभी एटीएम कार्ड के लिए आवेदन भी नहीं किया था। इसके बावजूद उनके खाते से एटीएम कार्ड जारी हुआ और उसी के जरिए 8 मई 2025 से 11 मई 2025 तक लगातार 15 बार निकासी की गई। कुल मिलाकर 1,98,400 रुपये खाते से निकाल लिए गए।
कैसे रची गई जालसाजी?
जांच में सामने आया कि आरोपी चित्रांश चौरसिया ने हरिहर चौहान की ओर से फर्जी तरीके से एटीएम कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। कार्ड आने पर उसने स्थानीय डाककर्मी दीपक सिंह से मिलीभगत कर कार्ड हासिल कर लिया। इसके बाद दोनों ने खाते से पैसे निकाल लिए।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने दोनों आरोपियों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में गहनता से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला साफ दिखाता है कि ग्रामीण और अशिक्षित लोग अक्सर ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार बन जाते हैं। ऐसे में बैंक और डाक विभाग को और ज्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है ताकि लोगों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके।