Chandranath Rath Murder Case Investigation: पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता Suvendu Adhikari के करीबी सहयोगी और निजी सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब दिल्ली तक पहुंच गई है। इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी Central Bureau of Investigation लगातार अलग-अलग राज्यों में जांच कर रही है। इसी सिलसिले में शुक्रवार देर रात दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में छापेमारी की गई।
दो ठिकानों पर की गई कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, सीबीआई टीम ने बाहरी दिल्ली के स्वरूप नगर क्षेत्र में दो संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी। यह कार्रवाई सुशांत विहार इलाके में उत्तराखंड चौक के पास गली नंबर 19 में की गई। छापेमारी के दौरान स्थानीय पुलिस भी सीबीआई टीम के साथ मौजूद रही। हालांकि एजेंसी की तरफ से अभी तक इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
अहम सुराग मिलने के बाद पहुंची टीम
सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान कुछ अहम जानकारी हाथ लगी थी। इन्हीं इनपुट के आधार पर सीबीआई ने दिल्ली में यह कार्रवाई की। एजेंसी अब इस मामले से जुड़े लोगों के नेटवर्क और संपर्कों की जांच कर रही है। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक डाटा और दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
बाइक सवार बदमाशों ने की थी हत्या
चंद्रनाथ रथ पर छह मई की रात हमला हुआ था। वह उस समय पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके से गुजर रहे थे। इसी दौरान बाइक पर आए बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। हमले में चंद्रनाथ रथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया था।
पहले बंगाल पुलिस कर रही थी जांच
शुरुआत में इस मामले की जांच पश्चिम बंगाल पुलिस कर रही थी। बाद में राज्य सरकार की सिफारिश पर यह केस सीबीआई को सौंप दिया गया। इसके बाद एजेंसी ने डीआईजी स्तर के अधिकारी की निगरानी में सात सदस्यीय एसआईटी का गठन किया, जो लगातार मामले की जांच कर रही है।
यूपी और बिहार से भी हुई गिरफ्तारियां
इस हत्याकांड में अब तक उत्तर प्रदेश और बिहार से कई संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों को शक है कि यह पूरी घटना एक प्लान बनाकर की गई सुपारी किलिंग हो सकती है। इसी वजह से कई राज्यों में जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
नेटवर्क और फंडिंग की जांच जारी
सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस वारदात के पीछे कौन लोग शामिल थे और किसने फंडिंग की थी। जांच एजेंसी संदिग्धों के मोबाइल रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन और अन्य डिजिटल सबूतों की भी जांच कर रही है। माना जा रहा है कि दिल्ली में हुई ताजा छापेमारी से जांच को नए सुराग मिल सकते हैं।
