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मिलिए गैंगस्टर Lawrence Bishnoi की ’मैडम माया’ से, लेडी डॉन की ‘दया’ से जिंदा है ‘B Company’ का वजूद

नई दिल्ली ऑनलाइन डेस्क। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई जरायम की दुनिया का वह नाम हैं, जो आज के वक्त हर व्यक्ति की जुबान पर हैं। अपराध जगत के नए ‘शहंशाह’ लॉरेंस जेल में बैठकर अपनी गैंग को संचालित करता है। करीब सात सौ से अधिक शूटर्स की फौज वाले इस कुख्यात अपराधी की ढाल ‘मैडम माया’ है। बिश्नोई गैंग की ये लेडी डॉन जुर्म की दुनिया के बड़े-बड़े काम करवाने में माहिर है। ’मैडम माया’ गैंग से जुड़े बड़े फैसले लेती है। साथ ही जेल में बंद अपराधियों को छुड़ाने और वकील का जिम्मा इसी के कंधो पर रहता है।

कौन है ‘मैडम माया’

दरअसल, जयपुर की संजय सर्किल थाना पुलिस ने महिला बदमाश को अरेस्ट किया था, जिसे ‘मैडम माया’ के नाम से जरायम की दुनिया के लोग पुकारते हैं। जबकि लेडी डॉन का असली नाम सीमा उर्फ रेणु है। मैडम माया के खिलाफ जयपुर सहित दिल्ली और हरियाणा में कई मामले दर्ज है। ‘मैडम माया’ अपने गैंग के 4 सदस्यों के साथ दिल्ली में छिपी हुई थी। उसने अपने गुर्गों को एक कारोबारी से रंगदारी वसूलने की योजना बनाई थी। पैसे नहीं देने पर कारोबारी पर हमला भी प्लान ‘मैडम माया’ ने तैयार किया था। सटीक सूचना पर पुलिस ने सभी बदमाशों को दबोच लिया। बदमाशों के पास से हथियार बरमाद किए गए थे।

‘मैडम माया’ ही चलाती थी गैंग

लॉरेंस बिश्नोई ने मैडम माया को बेहद खास टास्क दे रखा था। मैडम माया जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों से संपर्क रखती थी। इसके साथ ही लॉरेंस बिश्नोई गैंग का संदेश भी पहुंचाने का जिम्मा इसी के पास था। मैडम माया की गैंग में खूब चलती थी और हर कोई इसकी बात को मानता था। मैडम माया ही ये तय करती थी कि गैंग के किस सदस्य की जमानत करवानी है और किस बदमाश को किस जेल से कहां ट्रांसफर करवाना है। कौन-सा वकील किस गैंग के किस सदस्य का केस लड़ेगा। इसकी जिम्मेदारी भी मैडम माया के पास थी।

सीधे लॉरेंस से होती थी ‘मैडम माया’ की बात

पुलिस के मुताबिक, जब लॉरेंस बिश्नोई उर्फ बालकरण बरार की जेल से सीधी कॉल नहीं हो पाती थी, तो यह महिला खुद जेल जाकर निर्देश लेती थी। जयपुर पुलिस की संजय सर्किल थाना टीम ने ’मैडम माया’ को दिल्ली से गिरफ्तार किया। एडिशनल डीसीपी बजरंग सिंह शेखावत ने बताया कि सब-इंस्पेक्टर हरिओम की टीम ने यह कार्रवाई की। जांच में पता चला है कि वह गैंग की फाइनेंस और ऑपरेशन्स को संभालती थी। गैंगस्टर्स की फिरौती वसूली का पूरा हिसाब ’मैडम माया’ के पास होता था। जो कारोबारी फिरौती देने से इनकार करते थे, उनके खिलाफ फायरिंग या अन्य गंभीर कदम उठाने की जिम्मेदारी भी उसी पर होती थी।

दो साल पहले लॉरेंस गैंग से जुड़ी थी ‘मैडम माया’

फिलहाल ’मैडम माया’ रिमांड पर है और पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि इससे लॉरेंस गैंग के कई और राज खुल सकते हैं। पुलिस इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए सक्रिय है और गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों को पकड़ने की कोशिश कर रही है। जयपुर पुलिस के मुताबिक, मैडम माया 2 साल से इस गैंग के लिए काम कर रही थी। जेल में बंद लॉरेंस गैंग के बदमाशों की पूरी डिटेल मैडम माया के पास है। जेल में बंद बदमाशों का संदेश लोकल गैंग तक पहुंचाया करती थी। विदेश में बैठे कई बदमाशों के संपर्क में थी।

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