Swami Avimukteshwaranand Sexual Abuse Case: नाबालिग बच्चों के कथित यौन शोषण के आरोपों में घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati की कानूनी परेशानी बढ़ती दिखाई दे रही है। पुलिस ने दोनों पीड़ित बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराया था। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न के संकेत मिले हैं। यह रिपोर्ट अब जांच का अहम हिस्सा बन गई है।
शिकायतकर्ता Ashutosh Brahmachari ने भी दावा किया है कि मेडिकल रिपोर्ट में शोषण से जुड़े स्पष्ट संकेत दर्ज हैं। उनका कहना है कि जांच एजेंसियों को जरूरी दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध करा दी गई है।
जांच प्रक्रिया हुई तेज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच की रफ्तार बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट को केस डायरी में महत्वपूर्ण सबूत के तौर पर जोड़ा जा रहा है। साथ ही, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
पुलिस का साफ कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सभी पहलुओं पर सावधानी से जांच जारी है।
अग्रिम जमानत की अर्जी
गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने Allahabad High Court में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की है। इस अर्जी पर जल्द सुनवाई हो सकती है। बताया जा रहा है कि यह मामला जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ में सूचीबद्ध हो सकता है।
अदालत में पुलिस अब तक जुटाए गए साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज पेश कर सकती है। कानूनी जानकारों का मानना है कि अगर अदालत से राहत नहीं मिलती, तो पुलिस गिरफ्तारी की कार्रवाई आगे बढ़ा सकती है।
झूंसी थाने में मामला दर्ज
यह केस उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित Jhunsi थाने में दर्ज किया गया है। स्वामी के अलावा उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भी पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है।
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डिजिटल सबूत का दावा
शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने यह भी कहा है कि उनके पास फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल सबूत मौजूद हैं। उन्होंने दावा किया है कि ये साक्ष्य जांच एजेंसियों को सौंपे जाएंगे।
उनका कहना है कि पीड़ित बच्चों के बयान अदालत में दर्ज हो चुके हैं और मेडिकल जांच भी पूरी हो चुकी है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने सबूत मिटाने की कोशिश भी की। पुलिस इन दावों की भी जांच कर रही है।
यह मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर है। मेडिकल रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और अदालत में चल रही प्रक्रिया के आधार पर आगे की दिशा तय होगी। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और कानून के अनुसार ही कार्रवाई होगी।

