Delhi E-Rickshaw New Policy: दिल्ली सरकार जल्द ही ई-रिक्शा को लेकर नई और सख्त नीति लागू करने की तैयारी कर रही है। राजधानी में तेजी से बढ़ते ई-रिक्शा नेटवर्क के कारण ट्रैफिक, सुरक्षा और अव्यवस्था से जुड़ी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
सरकार का मानना है कि अगर समय रहते नियम नहीं बनाए गए, तो आने वाले समय में सड़कों पर स्थिति और बिगड़ सकती है। इसलिए नई नीति के जरिए व्यवस्था को सुधारने की कोशिश की जा रही है।
सुरक्षा रहेगी पहली प्राथमिकता
परिवहन मंत्री पंकज सिंह के मुताबिक नई पॉलिसी का सबसे बड़ा फोकस यात्रियों की सुरक्षा पर रहेगा। कई बार शिकायत मिलती है कि कुछ ई-रिक्शा बिना लाइसेंस के चल रहे हैं या कम उम्र के बच्चे इन्हें चला रहे हैं।
अब सरकार ड्राइवरों के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस, अनिवार्य यूनिफॉर्म और वाहन का सही रजिस्ट्रेशन जरूरी करने जा रही है। जो ई-रिक्शा अभी बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं, उन्हें भी नियमों के तहत रजिस्टर करने का मौका दिया जाएगा।
ट्रैफिक और हादसों पर नियंत्रण
दिल्ली में ई-रिक्शा की संख्या अब ऑटो रिक्शा से भी ज्यादा हो चुकी है। इससे कई जगह ट्रैफिक जाम, गलत पार्किंग और सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है।
आरडब्ल्यूए और स्थानीय लोगों ने भी कम उम्र के ड्राइवरों, अवैध चार्जिंग पॉइंट और आग लगने की घटनाओं को लेकर चिंता जताई है। नई नीति में चार्जिंग स्टेशन और पार्किंग को लेकर साफ नियम बनाए जाएंगे, ताकि सड़क पर अव्यवस्था कम हो सके।
किन इलाकों में ज्यादा ई-रिक्शा
आंकड़ों के अनुसार रोहिणी इलाके में सबसे ज्यादा करीब 46 हजार से अधिक ई-रिक्शा चल रहे हैं। इसके बाद वजीराबाद और लोनी रोड का स्थान आता है।
उत्तर और पूर्वी दिल्ली में लोग छोटी दूरी तय करने के लिए सबसे ज्यादा ई-रिक्शा का इस्तेमाल करते हैं। वहीं दक्षिण दिल्ली के कुछ इलाकों में इनकी संख्या अभी कम है।
जनता से ली जाएगी राय
सरकार ने कहा है कि नई नीति का ड्राफ्ट तैयार होने के बाद इसे जनता के सामने रखा जाएगा। इसमें मार्केट एसोसिएशन, आरडब्ल्यूए, पुलिस और ई-रिक्शा यूनियनों से सुझाव लिए जाएंगे।
सरकार चाहती है कि नए नियम ऐसे बनें जिससे ड्राइवरों की कमाई पर असर न पड़े और लोगों को सुरक्षित सफर मिल सके।
शहर की लाइफलाइन हैं ई-रिक्शा
आज ई-रिक्शा छात्रों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए सस्ता और आसान सफर का जरिया बन चुके हैं। जहां बसें नहीं पहुंचतीं, वहां ई-रिक्शा लोगों की जरूरत पूरी करते हैं।
नई नीति से उम्मीद है कि दिल्ली में ई-रिक्शा व्यवस्था और बेहतर, सुरक्षित और भरोसेमंद बनेगी।
