Delhi News: दिल्ली की तपती सड़कों पर ‘डिलीवरी’ का संकट; गिग वर्कर्स बोले- 12 से 3 बजे तक बंद रहे काम!

दिल्ली-NCR में पारा 44 डिग्री तक पहुँचने के खतरे के बीच गिग वर्कर्स यूनियन ने सरकार से दोपहर 12 से 3 बजे तक काम बंद रखने की मांग की है। इसके अलावा पीने के पानी, छायादार रेस्ट एरिया और मेडिकल सुविधाओं की भी गुहार लगाई गई है ताकि डिलीवरी पार्टनर्स को हीटस्ट्रोक से बचाया जा सके।

Delhi NCR में अप्रैल के महीने में ही गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ने शुरू कर दिए हैं। चिलचिलाती धूप और 40-42 डिग्री के पार जाते पारे ने सड़कों पर काम करने वाले लाखों गिग वर्कर्स (Gig Workers)—जैसे डिलीवरी पार्टनर्स और कैब ड्राइवर्स—की जान जोखिम में डाल दी है। इस भीषण संकट को देखते हुए अब वर्कर्स यूनियन ने सरकार के सामने अपनी मांगें रखी हैं।
दिल्ली-NCR में गर्मी का प्रकोप अपने चरम पर है।

सरकार को पत्र: “42-44 डिग्री में काम करना जानलेवा”

यूनियन ने दिल्ली सरकार को लिखे पत्र में चेतावनी दी है कि राजधानी में केवल तापमान ही नहीं, बल्कि उमस (Humidity) के कारण ‘फील्स लाइक’ (महसूस होने वाली गर्मी) बहुत अधिक है।
* स्वास्थ्य का खतरा: बिना किसी छाया या आराम के घंटों सड़क पर रहने से वर्कर्स में हीटस्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और हीट एक्सॉशन का खतरा बढ़ गया है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।
* बजट घोषणाओं की याद: यूनियन ने दिल्ली बजट में घोषित ‘रेस्ट फैसिलिटी’ और ‘अटल कैंटीन’ जैसी योजनाओं को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने की मांग की है।

प्रमुख मांगें: दोपहर में मिले ‘ब्रेक’

वर्कर्स यूनियन ने सरकार और ऐप-बेस्ड कंपनियों से निम्नलिखित राहतों की मांग की है:
1. दोपहर का अवकाश: सबसे अहम मांग यह है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक काम को अस्थायी रूप से रोका जाए, क्योंकि इस दौरान गर्मी का स्तर सबसे घातक होता है।
2. छायादार रेस्ट एरिया: शहर के अलग-अलग हिस्सों में रेस्ट एरिया बनाए जाएं जहाँ पीने का पानी और पंखे/कूलर की सुविधा हो।
3. मुफ्त गियर: कंपनियां अपने वर्कर्स को गर्मी से बचाव के लिए कॉटन जैकेट, सनस्क्रीन और पर्याप्त ओआरएस (ORS) उपलब्ध कराएं।
4. इमरजेंसी मेडिकल सपोर्ट: अगर किसी वर्कर की तबीयत बिगड़ती है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता की व्यवस्था हो।

महिला वर्कर्स के लिए विशेष व्यवस्था

यूनियन ने महिला गिग वर्कर्स की सुरक्षा और स्वच्छता पर भी जोर दिया है। मांग की गई है कि उनके लिए शहर में सुरक्षित और साफ-सुथरे शौचालयों, पीने के पानी और इमरजेंसी हेल्प सपोर्ट की पुख्ता व्यवस्था की जाए।आने वाले दिनों में तापमान के 44 डिग्री सेल्सियस के पार जाने का अनुमान है। इस झुलसा देने वाली गर्मी में जहाँ लोग घरों से निकलने में कतरा रहे हैं, वहीं डिलीवरी बॉयज और कैब ड्राइवर्स अपनी जान की परवाह किए बिना सड़कों पर दौड़ रहे हैं। अब इन वर्कर्स की सुरक्षा के लिए गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (GIPSWU) ने मोर्चा खोल दिया है।

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