Delhi Missing Girls Rumour:दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि राजधानी में लड़कियों और महिलाओं के लापता होने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जनवरी 2026 में ऐसे मामलों में कोई असामान्य बढ़ोतरी नहीं हुई है।
पेड प्रचार का आरोप
दिल्ली पुलिस ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि जांच में पता चला है कि यह अफवाह पेड प्रमोशन के जरिए फैलाई जा रही है। पुलिस ने चेतावनी दी कि पैसे लेकर डर फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। संयुक्त पुलिस आयुक्त संजय त्यागी ने लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि वाली खबरों पर भरोसा न करें।
वायरल आंकड़ों पर विवाद
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि 1 से 15 जनवरी के बीच 807 लोग लापता हुए, जिनमें 509 महिलाएं और लड़कियां थीं। पुलिस ने कहा कि ये आंकड़े संदर्भ से हटाकर पेश किए गए हैं और इससे गलतफहमी पैदा हुई। उनके अनुसार, पिछले सालों की तुलना में मामलों में कमी आई है।
भाजपा का बयान
भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि लापता बच्चों की खबरें एक फिल्म के प्रचार से जुड़ी हो सकती हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस से पूरे मामले की जांच की मांग की। कुछ लोगों ने इसे फिल्म ‘मर्दानी 3’ के प्रमोशन से जोड़कर देखा।
आप का पलटवार
आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो रही है। पार्टी ने दावा किया कि पिछले 15 दिनों में 800 से ज्यादा लोग लापता हुए हैं और महिलाओं की संख्या ज्यादा है।
शाजिया की गुमशुदगी
इसी बीच बुराड़ी इलाके से 12 साल की शाजिया के लापता होने का मामला सामने आया है। बच्ची कई दिनों से गायब है और उसका परिवार उसे ढूंढने के लिए दर-दर भटक रहा है। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में छह दिन लगा दिए।
मां-बाप की बेबसी
शाजिया के पिता एक पेंटर हैं और मां गृहिणी हैं। मां शाहिदा अपनी बेटी को ढूंढने के लिए मंदिर, मस्जिद और कई इलाकों में भटक रही हैं। परिवार का कहना है कि पुलिस सिर्फ ढूंढने का भरोसा दे रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
इलाके में डर का माहौल
शाजिया के गायब होने से इलाके के लोगों में भी डर बैठ गया है। पड़ोसियों का कहना है कि अब वे बच्चों को अकेले बाहर नहीं भेजते। इस घटना ने राजधानी में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

