सांसों को मिली संजीवनी: दिल्ली में सुधरी हवा, GRAP-3 की पाबंदियों से मिली आजादी।

दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता (AQI) में सुधार के बाद GRAP-3 की पाबंदियां हटा दी गई हैं। 2 जनवरी को AQI गिरकर 236 पर आ गया, जिससे निर्माण कार्यों और BS-III/BS-IV वाहनों पर लगी रोक हट गई है।

Delhi NCR Pollution

Delhi NCR Pollution: नये साल के दूसरे दिन Delhi NCR के निवासियों के लिए राहत की खबर आई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर में उल्लेखनीय सुधार को देखते हुए GRAP-3 (ग्रैप्ड रिस्पांस एक्शन प्लान) के तहत लागू सख्त पाबंदियों को तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्णय लिया है। आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 380 था, जो 2 जनवरी की शाम 4 बजे तक सुधरकर 236 दर्ज किया गया। हवा की गति में बदलाव और अनुकूल मौसम के कारण प्रदूषण में यह कमी आई है। हालांकि, स्थिति पर नजर रखने के लिए स्टेज-1 और स्टेज-2 की पाबंदियां फिलहाल लागू रहेंगी ताकि प्रदूषण को दोबारा बढ़ने से रोका जा सके।

क्या बदलाव आएंगे?

GRAP-3 हटने के साथ ही अब Delhi NCR में निम्नलिखित गतिविधियों को फिर से शुरू करने की अनुमति मिल गई है:

  • निर्माण कार्य: गैर-जरूरी कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन (तोड़फोड़) पर लगा प्रतिबंध अब खत्म हो गया है।

  • वाहन आवाजाही: दिल्ली और पड़ोसी शहरों (गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर) में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल कारों के चलने पर लगी रोक हट गई है।

  • स्कूल और ऑफिस: वर्क-फ्रॉम-होम की सलाह और स्कूलों के लिए हाइब्रिड मोड के निर्देश भी वापस ले लिए गए हैं।

GRAP-1 और GRAP-2 की पाबंदियां रहेंगी जारी

भले ही स्टेज-3 की पाबंदियां हट गई हैं, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण के लिए स्टेज-1 और 2 के नियम अभी भी लागू हैं। इसका मतलब है:

  1. होटलों और रेस्टोरेंट्स में कोयले या लकड़ी के तंदूर के इस्तेमाल पर रोक जारी रहेगी।

  2. इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा।

  3. सड़कों पर पानी का छिड़काव और मैकेनिकल स्वीपिंग जारी रहेगी।

  4. प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों और कचरा जलाने पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।

AQI के विभिन्न चरणों को समझें

स्टेज AQI श्रेणी स्थिति
स्टेज 1 201 – 300 खराब (Poor)
स्टेज 2 301 – 400 बहुत खराब (Very Poor)
स्टेज 3 401 – 450 गंभीर (Severe)
स्टेज 4 450 से ऊपर अति गंभीर (Severe Plus)

नोट: आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन निर्माण स्थलों को नियमों के उल्लंघन के कारण सील किया गया था, वे बिना विशेष अनुमति के काम शुरू नहीं कर सकेंगे।

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