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दिल्ली में प्रदूषण का कहर: BS-VI से नीचे की गाड़ियों की एंट्री पर रोक, बॉर्डर पर सख्ती, ₹10 हजार का चालान

दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। 4 नवंबर की सुबह राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के करीब पहुंच गया। कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दिल्ली की सीमाओं पर वाहनों की जांच तेज कर दी गई है। 1 नवंबर से लागू नए नियमों के तहत बाहरी राज्यों में पंजीकृत गैर-BS-VI वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर 31 जनवरी 2027 तक रोक लगाई गई है।

धनतेरस के मौके पर दिल्ली आने-जाने की योजना बना रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। नियमों का पालन नहीं करने पर बॉर्डर से वापस लौटना पड़ सकता है। इसके अलावा चालान और गाड़ी जब्त होने जैसी कार्रवाई भी हो सकती है।

दिल्ली में किन गाड़ियों को मिलेगी एंट्री, किन पर प्रतिबंध?

दिल्ली में प्रवेश के लिए वाहनों के उत्सर्जन मानकों को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। नए नियमों के मुताबिक, दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-VI से नीचे की पेट्रोल और डीजल गाड़ियों को राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

वहीं, BS-VI मानक वाली कारों के अलावा इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और CNG गाड़ियों को छूट दी गई है। यह प्रतिबंध 31 जनवरी 2027 तक लागू रहेगा।

इसके अलावा NCR के पेट्रोल पंपों पर 1 अक्टूबर से बिना वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) के पेट्रोल और डीजल देने पर भी रोक है। इसलिए वाहन चालकों को सफर से पहले अपने सभी दस्तावेजों की वैधता जांच लेनी चाहिए।

दिल्ली बॉर्डर पर बढ़ी चेकिंग, इन जगहों पर पुलिस तैनात

दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए डीएनडी, चिल्ला, कालिंदी कुंज, सरहौल और कापसहेड़ा बॉर्डर पर पुलिस की टीमें तैनात की गई हैं। यहां बाहर से आने वाले वाहनों की जांच की जा रही है।

नियमों का उल्लंघन करने वाले गैर-BS-VI वाहनों को बॉर्डर से ही वापस भेजा जा रहा है। ऐसे में धनतेरस पर खरीदारी या अन्य काम से दिल्ली जाने वाले लोगों को अपनी गाड़ी के मानकों की जानकारी पहले से रखनी चाहिए।

PUCC नहीं होने पर 10 हजार रुपये का चालान

वाहन चालकों के लिए वैध PUCC रखना अनिवार्य है। अगर जांच के दौरान प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं मिलता है, तो 10,000 रुपये तक का चालान काटा जा सकता है। बिना वैध प्रमाणपत्र के पेट्रोल और डीजल भी नहीं मिलेगा।

इसके अलावा दिल्ली में 10 साल से अधिक पुराने डीजल और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों पर भी प्रतिबंध लागू है। ऐसे वाहन पकड़े जाने पर जब्त किए जा सकते हैं। पहली बार छुड़ाने के लिए 10,000 रुपये की पेनल्टी का प्रावधान बताया गया है।

दिल्ली आने से पहले साथ रखें ये जरूरी दस्तावेज

बॉर्डर पर परेशानी और चालान से बचने के लिए वाहन चालकों को कुछ जरूरी कागजात अपने पास रखने चाहिए।

वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC)

वैध ड्राइविंग लाइसेंस (DL)

वाहन का इंश्योरेंस

वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUCC)

कमर्शियल वाहनों के लिए परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट

टोल भुगतान के लिए FASTag में पर्याप्त बैलेंस

इन दस्तावेजों को डिजीलॉकर में भी सुरक्षित रखा जा सकता है।

GRAP-III लागू हुआ तो और बढ़ेंगी पाबंदियां

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर और बढ़ने पर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू किया जा सकता है। GRAP-III लागू होने की स्थिति में पाबंदियां और सख्त हो सकती हैं।

इसके तहत दिल्ली में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल की निजी कारों के चलने पर रोक लग सकती है। मालवाहक वाहनों को मिलने वाली छूट भी समाप्त की जा सकती है। इसके अलावा पाबंदियों का दायरा सोनीपत तक बढ़ाया जा सकता है।

ऐसी स्थिति में दिल्ली के बॉर्डर पर वाहनों की जांच और सख्त हो जाएगी। इसलिए धनतेरस पर यात्रा या खरीदारी की योजना बनाने से पहले CAQM और ट्रैफिक पुलिस की ताजा एडवाइजरी जरूर देख लें।

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