Wrong Side Driving: दिल्ली पुलिस ने अपनाया कड़ा रुख,चालान ही नहीं, दर्ज होगी FIR भी जाना होगा जेल

दिल्ली पुलिस ने गलत साइड ड्राइविंग पर पहली बार FIR दर्ज करनी शुरू की है। बढ़ते हादसों और उल्लंघनों को देखते हुए अब गंभीर मामलों में चालान नहीं, बल्कि आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।

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Wrong Side Driving in Delhi: दिल्ली की सड़कों पर गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के लिए अब मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। दिल्ली पुलिस ने पहली बार ऐसे मामलों में आपराधिक केस दर्ज करने शुरू कर दिए हैं। यह देश में किसी भी केंद्र शासित प्रदेश द्वारा उठाया गया पहला ऐसा सख्त कदम माना जा रहा है। पुलिस का साफ कहना है कि सड़क सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

अब तक गलत साइड ड्राइविंग के तीन मामलों में FIR दर्ज की जा चुकी है। हालांकि पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये सभी मामले जमानती हैं। आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद थाने से ही जमानत पर छोड़ दिया गया, लेकिन उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

तीन अलग-अलग इलाकों में हुई कार्रवाई

पहला मामला 3 जनवरी को दिल्ली कैंट थाना क्षेत्र में सामने आया। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के रहने वाले अमन अपनी वैगनआर कार को तेज रफ्तार में गलत दिशा में चला रहे थे। यह घटना हनुमान मंदिर रेड लाइट से दिल्ली कैंट की ओर जाने वाली सड़क पर हुई। उनकी इस लापरवाही से सामने से आ रहे वाहनों को गंभीर खतरा पैदा हो गया था। ट्रैफिक पुलिस के एएसआई सुनील कुमार की शिकायत पर उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई।

दूसरा मामला कपाशेड़ा इलाके का है, जहां अंकित गौर को मोटरसाइकिल गलत साइड पर चलाते हुए पकड़ा गया। वहीं तीसरा मामला वसंत कुंज साउथ थाने में दर्ज हुआ। इस मामले में अमेठी के रहने वाले सनीज कुमार पर आरोप है कि वे अपनी टाटा टिगोर कार को मेहरौली–महिपालपुर रोड पर उलटी दिशा में चला रहे थे।

कौन-सी धाराएं लगीं और क्या है सजा

इन सभी मामलों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 लगाई गई है, जो लापरवाही से वाहन चलाने से जुड़ी है। इसके तहत छह महीने तक की जेल, एक हजार रुपये तक जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। अमन के मामले में बिना ड्राइविंग लाइसेंस और बिना बीमा के गाड़ी चलाने पर मोटर व्हीकल एक्ट की अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

आखिर क्यों बदला गया नियम

ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, FIR सिर्फ गंभीर मामलों में ही दर्ज की जाएंगी। खासतौर पर पीक आवर्स में मुख्य सड़कों पर तेज रफ्तार में गलत साइड ड्राइविंग करने वालों पर सख्ती होगी। छोटी गलियों में धीमी रफ्तार से चल रहे दोपहिया वाहनों के मामलों में सामान्य तौर पर चालान काटकर छोड़ा जा सकता है।
पुलिस का कहना है कि सड़क हादसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। पहले गलत दिशा में वाहन चलाने पर पहली बार 5,000 रुपये और दोबारा 10,000 रुपये तक जुर्माना तथा लाइसेंस सस्पेंड करने जैसी कार्रवाई होती थी।

आंकड़े बता रहे हैं बढ़ती समस्या

ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में गलत साइड ड्राइविंग के 1,44,490 चालान काटे गए। यह संख्या 2024 में दर्ज 1,04,720 चालानों से काफी ज्यादा है। इसी दौरान 1,27,395 नोटिस भी जारी किए गए। इन आंकड़ों से साफ है कि नियम तोड़ने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है, जिस पर लगाम लगाने के लिए अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

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