Dwarka Accident: एसयूवी की टक्कर से 23 वर्षीय होनहार युवक की हुई थी मौत, किसके टूटे सपने एक पल में उजड़ा घर

द्वारका में तेज रफ्तार एसयूवी की टक्कर से 23 वर्षीय साहिल की मौत ने परिवार को तोड़ दिया। नाबालिग चालक, लापरवाही और देरी से इलाज के आरोपों ने इस दर्दनाक हादसे को और भी गंभीर बना दिया।

Dwarka Scorpio accident case update

Dwarka Accident: पश्चिमी दिल्ली के द्वारका में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। 23 वर्षीय साहिल धनशेरा की तेज रफ्तार एसयूवी की टक्कर से मौत हो गई। जब यह हादसा हुआ, तब कथित तौर पर एक नाबालिग द्वारा चलाई जा रही एसयूवी ने उसकी स्पोर्ट्स बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस घटना के बाद से परिवार पूरी तरह टूट गया है। साहिल का कमरा आज भी वैसे ही सजा हुआ है, लेकिन वह अब इस दुनिया में नहीं है।

सपनों से भरा था कमरा

साहिल के कमरे में उसकी मेहनत और सपनों की झलक साफ दिखाई देती है। मेज पर किताबें, लैपटॉप और दीवारों पर टंगे मेडल उसकी लगन और उपलब्धियों की कहानी बताते हैं। दीवार पर लिखे वाक्य उसकी सोच और बड़े सपनों को दिखाते हैं। एक पोस्टर पर लिखा है, “ लोग फर्स्ट क्लास में उड़ना चाहते हैं, मैं पूरा विमान खरीदना चाहता हूं।” एक और लाइन है, “जुनून प्रतिभा से भी आगे निकल जाता है।”
उसने अपने कमरे की छत पर भी अपने लक्ष्य लिख रखे थे। उसने लिखा था, “2025 मेरा साल होगा” और “एक मिलियन डॉलर कमाने का साल।” इन पंक्तियों से साफ था कि वह अपने करियर को लेकर बेहद गंभीर और महत्वाकांक्षी था। परिवार को उम्मीद थी कि वह आगे चलकर बड़ी सफलता हासिल करेगा, लेकिन हादसे ने सब खत्म कर दिया।

मां ने सुनाई दर्दभरी कहानी

साहिल की मां इन्ना माकन ने बताया कि 3 फरवरी को दोपहर 1:19 बजे उन्हें पुलिस का फोन आया। पुलिस ने कहा कि उनके नंबर पर दर्ज बाइक मिली है और एक युवक की मौत हो गई है। यह सुनते ही वह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं, जो लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास था। वहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि उनका बेटा सड़क पर पड़ा था और उसकी बाइक तीन हिस्सों में टूट चुकी थी। मां का आरोप है कि एंबुलेंस मौके पर मौजूद थी, लेकिन बेटे को तुरंत अस्पताल नहीं ले जाया गया। उनका कहना है कि वह करीब 10 मिनट तक मदद के लिए चिल्लाती रहीं, तब जाकर उसे उठाया गया। बाद में उसे इंदिरा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

नाबालिग चला रहा था वाहन

बताया जा रहा है कि हादसे में शामिल एसयूवी पर पहले से 13 चालान दर्ज थे, जिनमें नौ ओवरस्पीडिंग के थे। आरोप है कि वाहन 17 साल का नाबालिग चला रहा था और उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। फिलहाल वह बोर्ड परीक्षाओं के कारण अंतरिम जमानत पर बाहर है।

पोस्टमार्टम में गंभीर चोटें

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, साहिल की मौत ज्यादा खून बहने की वजह से हुई। उसके सिर में फ्रैक्चर, दिमाग में सूजन, फेफड़ों को नुकसान और शरीर में कई गंभीर चोटें पाई गईं। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग के खतरों की याद दिलाता है।

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