दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में 5.9 तीव्रता वाले भूकंप के झटके, अफगानिस्तान रहा भूकंप का केंद्र

उत्तर भारत के कई राज्यों में भूकंप के झटके महसूस हुए, जिसका केंद्र अफगानिस्तान था। कहीं नुकसान नहीं हुआ, लेकिन लोगों में डर जरूर दिखा। राजकोट में भी कई हल्के झटके दर्ज किए गए।

Earthquake Tremors in North India: शुक्रवार रात उत्तर भारत के कई हिस्सों में अचानक भूकंप के झटके महसूस किए गए। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के लोगों ने इन झटकों को महसूस किया। रात के समय जब लोग अपने घरों में थे, तभी अचानक जमीन हिलने लगी, जिससे कुछ देर के लिए डर का माहौल बन गया। कई लोग एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकल आए।

अफगानिस्तान रहा भूकंप का केंद्र

जानकारी के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में था। वहीं, अफगानिस्तान और ताजिकिस्तान की सीमा पर भी 5.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप की गहराई और दूरी की वजह से इसका असर भारत के कई राज्यों तक महसूस किया गया। हालांकि, अच्छी बात यह रही कि अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है।

लोगों में दिखा डर और घबराहट

भूकंप के झटके महसूस होते ही लोगों में डर फैल गया। कई जगहों पर लोग जल्दी-जल्दी अपने घरों से बाहर निकल आए। कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर भी अपने अनुभव साझा किए। हालांकि झटके ज्यादा देर तक नहीं रहे, लेकिन अचानक आए इस कंपन ने लोगों को कुछ समय के लिए डरा जरूर दिया।

गुजरात के राजकोट में भी झटके

इसी बीच गुजरात के राजकोट में भी भूकंप के कई हल्के झटके महसूस किए गए। यहां 12 घंटे के अंदर 7 बार जमीन हिली। इन झटकों की तीव्रता 2.7 से 3.8 के बीच रही। बार-बार झटके आने की वजह से लोगों में चिंता बढ़ गई। सुरक्षा के लिहाज से आसपास के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई।

क्या होता है भूकंप का कारण

भूकंप आने की सबसे बड़ी वजह धरती के अंदर मौजूद टेक्टोनिक प्लेट्स होती हैं। हमारी धरती कई बड़ी और छोटी प्लेट्स से बनी है, जो लगातार धीरे-धीरे खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं या दबाव ज्यादा बढ़ जाता है, तो अचानक ऊर्जा बाहर निकलती है। यही ऊर्जा जमीन को हिलाती है, जिसे हम भूकंप के रूप में महसूस करते हैं।

इतिहास में भी आए बड़े भूकंप

इतिहास में कई बड़े और खतरनाक भूकंप दर्ज किए गए हैं। साल 1556 में चीन में आए भूकंप में लाखों लोगों की जान चली गई थी। वहीं 1960 में चिली में आए भूकंप को अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जाता है, जिसकी तीव्रता 9.5 थी। ऐसे भूकंपों के बाद कई देशों में भारी तबाही देखने को मिली थी।

सतर्क रहने की जरूरत

भूकंप एक प्राकृतिक आपदा है, जिसे रोका नहीं जा सकता। लेकिन इससे बचाव के लिए जागरूक रहना बहुत जरूरी है। झटके महसूस होते ही सुरक्षित जगह पर जाना चाहिए और घबराने के बजाय समझदारी से काम लेना चाहिए। सरकार और प्रशासन भी लोगों को समय-समय पर जागरूक करते रहते हैं।

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