India AI Impact Summit 2026: तीसरे दिन और ज्यादा चर्चा में आ गया। दुनिया भर से आए टेक विशेषज्ञ, कंपनियों के अधिकारी और कई देशों के प्रतिनिधि यहां मौजूद हैं।
आईटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि भारी प्रतिक्रिया के चलते समिट को 21 फरवरी तक बढ़ा दिया गया है। 70 हजार वर्ग मीटर में फैले 10 अलग-अलग एरेना में लगातार सत्र चल रहे हैं।
मोदी-पिचाई मुलाकात चर्चा में
समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सुंदर पिचाई की मुलाकात खास रही। पिचाई Alphabet Inc. के सीईओ हैं। इस मुलाकात ने संकेत दिया कि भारत अब एआई की वैश्विक दौड़ में सिर्फ देखने वाला नहीं, बल्कि नेतृत्व करने वाला देश बनना चाहता है। सरकार एआई को रणनीतिक ताकत के रूप में देख रही है।
भारत ने बनाया गिनीज रिकॉर्ड
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि भारत ने एआई जिम्मेदारी अभियान के तहत गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है।
16 से 17 फरवरी के बीच 24 घंटे में 2,50,946 लोगों ने जिम्मेदार एआई उपयोग की प्रतिज्ञा ली। यह दिखाता है कि देश में एआई को जिम्मेदारी के साथ अपनाने की सोच तेजी से बढ़ रही है।
माइक्रोसॉफ्ट का बड़ा निवेश
तीसरे दिन सबसे बड़ा ऐलान Microsoft Corp. की ओर से हुआ। कंपनी ने 2030 तक 50 अरब डॉलर निवेश करने की योजना पेश की है।
कंपनी के वाइस चेयरमैन ब्रैड स्मिथ ने कहा कि ग्लोबल साउथ और ग्लोबल नॉर्थ के बीच एआई अपनाने की रफ्तार में बड़ा अंतर है। अगर अभी कदम नहीं उठाए गए तो डिजिटल दूरी और बढ़ सकती है।
भारत के लिए खास एआई मॉडल
बेंगलुरु की स्टार्टअप Sarvam AI ने दो नए एआई मॉडल पेश किए। कंपनी का दावा है कि ये मॉडल 22 भारतीय भाषाओं में वॉयस कमांड पर काम कर सकते हैं। ऐसे देश में जहां हर कोई अंग्रेजी में सहज नहीं है, यह तकनीक लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। इससे एआई का इस्तेमाल आम लोगों तक पहुंच सकेगा।
गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद
समिट के बीच Galgotias University से जुड़ा विवाद भी सामने आया। आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने एक चीनी रोबोटिक डॉग को अपना प्रोजेक्ट बताकर पेश किया था। सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद यूनिवर्सिटी को समिट स्थल से हटने के लिए कहा गया। इस घटना ने एआई इनोवेशन और पारदर्शिता पर नई बहस शुरू कर दी है।
भारत का साफ संदेश
समिट का तीसरा दिन यह साफ संदेश देकर गया कि भारत अब एआई का सिर्फ उपभोक्ता नहीं रहना चाहता।
सरकार, उद्योग और स्टार्टअप मिलकर भारत को एआई निर्माता और नियामक दोनों के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं।
