Pollution Free Delhi : दिल्ली सरकार ने अपने बजट 2025-26 में सार्वजनिक परिवहन, जल निकासी, स्वच्छ ऊर्जा और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर महत्वपूर्ण ऐलान किए हैं। सरकार का उद्देश्य बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था, बाढ़ से राहत, हरित ऊर्जा को बढ़ावा और प्रदूषण पर काबू पाना है। इस बजट को दिल्ली को एक स्मार्ट, हरित और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
5000 नई इलेक्ट्रिक बसों का ऐलान
दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को और भी प्रभावी बनाने के लिए 2025-26 तक 5000 नई इलेक्ट्रिक बसों का ऐलान किया है। इससे दिल्ली का ई-बस नेटवर्क दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बन जाएगा। यह कदम प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छ परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा, दिल्ली मेट्रो के फेज-4 के तीन प्रमुख रूटों पर तेजी से काम होगा, जिसके लिए ₹2929.66 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। इन रूटों में लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक, इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ और ऋठाला-बवाना-नरेला-नाथूपुर (कुंडली) शामिल हैं। शहर की परिवहन सुविधाओं को और मजबूत करने के लिए ₹12,952 करोड़ का बजट रखा गया है, जिसमें ₹1,000 करोड़ केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित शहरी परिवहन परियोजनाओं के लिए होगा।
बाढ़ और जलभराव से मिलेगी राहत
दिल्ली में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या हर साल एक बड़ी चुनौती बन जाती है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए दिल्ली सरकार ने ₹603 करोड़ का बजट आवंटित किया है। ‘फ्लड कंट्रोल के लिए ड्रेनेज रीमॉडलिंग योजना’ के तहत ₹150 करोड़ की लागत से नालों की जल वहन क्षमता बढ़ाई जाएगी।
यह कदम जलभराव की समस्या को कम करने में मदद करेगा। इसके अलावा, खुले जलाशयों की सफाई और गाद निकालने का कार्य किया जाएगा, ताकि बाढ़ नियंत्रण में मदद मिल सके। सरकार आधुनिक मशीनरी भी खरीदेगी, जिससे जलभराव और बाढ़ नियंत्रण में और तेजी लाई जा सके।
हर घर को 24 घंटे बिजली
दिल्ली सरकार ने हर घर को 24 घंटे निर्बाध बिजली देने के लिए ₹3,847 करोड़ का बजट आवंटित किया है। यह कदम दिल्लीवासियों को बिना रुकावट बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए है। इसके अलावा, सरकार जल्द ही केंद्र सरकार के साथ ‘पीएम सूर्य घर: फ्री इलेक्ट्रिसिटी योजना’ के तहत दिल्ली के घरों को ₹78,000 तक की सब्सिडी देने का समझौता करेगी।
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इस योजना के अंतर्गत, ‘पीएम सूर्य घर: फ्री इलेक्ट्रिसिटी – स्टेट टॉप-अप’ योजना के लिए ₹50 करोड़ का बजट आवंटित किया जाएगा, जिससे अगले तीन सालों में 2.3 लाख घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। ओवरहेड तारों के जाल को समाप्त करने के लिए ₹100 करोड़ का बजट रखा गया है, जिससे बिजली व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाएगा।