Political Heat In Parliament: संसद परिसर में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने राजनीतिक माहौल को अचानक गरमा दिया। संसद के मुख्य गेट पर कांग्रेस के कई सांसद हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। वे सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे और अपने मुद्दों को जोर-शोर से उठा रहे थे। इसी दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी वहां पहुंचे और प्रदर्शन में शामिल सांसदों से बातचीत करने लगे।
राहुल और बिट्टू आमने-सामने
इसी बीच केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी संसद के उसी रास्ते से गुजर रहे थे। अचानक दोनों नेताओं का आमना-सामना हो गया। पहले हल्की बातचीत हुई, लेकिन कुछ ही पलों में माहौल गरमाने लगा। दोनों नेताओं के बीच जुबानी बहस शुरू हो गई। वहां मौजूद सांसदों और सुरक्षाकर्मियों ने भी इस तीखी बातचीत को देखा और माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया।
राहुल ने सांसदों की तारीफ की
राहुल गांधी ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस सांसदों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये सांसद देश के भविष्य और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठा रहे हैं। राहुल ने इसे लोकतंत्र की ताकत बताया और कहा कि आवाज उठाना हर जनप्रतिनिधि का अधिकार है। उनकी इस बात से प्रदर्शन कर रहे सांसदों का उत्साह बढ़ा और उन्होंने नारेबाजी और तेज कर दी।
बिट्टू पर राहुल का तीखा बयान
बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर टिप्पणी करते हुए उन्हें “गद्दार दोस्त” कह दिया। राहुल के इस बयान के बाद माहौल और ज्यादा गर्म हो गया। आसपास खड़े लोग और मीडिया के कैमरे तुरंत इस ओर मुड़ गए। यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया।
बिट्टू ने भी किया पलटवार
रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी के बयान का तुरंत जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनका देश और संविधान से कोई समझौता नहीं है। बिट्टू ने यह भी कहा कि उनका देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं है और वे हमेशा देशहित में काम करते रहेंगे। उनके इस जवाब से दोनों नेताओं के बीच कुछ देर तक तीखी बहस होती रही।
कुछ देर तक गरम रहा माहौल
दोनों नेताओं के बीच हुई इस जुबानी जंग से संसद परिसर का माहौल कुछ समय के लिए गरम रहा। हालांकि बाद में सुरक्षाकर्मियों और अन्य नेताओं के हस्तक्षेप से स्थिति सामान्य हो गई। लेकिन इस घटना ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू कर दी है और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
