नोएडा-गुड़गांव हुए पुराने, दिल्ली के बगल में बसने वाला है ‘नया स्वर्ग’… 2026 तक बन जाएगा रियल एस्टेट का ‘बाजीगर’!

बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक बुनियादी ढांचे के दम पर सोनीपत 2026 तक दिल्ली-NCR का प्रमुख रियल एस्टेट हब बनने को तैयार है। UER-II और मेट्रो विस्तार जैसे प्रोजेक्ट्स ने इस शहर को निवेशकों और घर खरीदारों की पहली पसंद बना दिया है।

Sonipat

Sonipat real estate: दिल्ली-एनसीआर में प्रॉपर्टी की आसमान छूती कीमतों के बीच सोनीपत एक नए पावरहाउस के रूप में उभर रहा है। गुरुग्राम और नोएडा के संतृप्त होने के बाद, अब विशेषज्ञों की नजरें सोनीपत पर टिकी हैं, जिसे 2026 का रियल एस्टेट ‘किंग’ माना जा रहा है। अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) और प्रस्तावित RRTS कॉरिडोर ने दिल्ली और आईजीआई एयरपोर्ट से इसकी दूरी को चंद मिनटों में समेट दिया है।

रियल एस्टेट दिग्गजों का मानना है कि यहाँ अब निवेश के बजाय वास्तविक खरीदार (End-users) सक्रिय हैं, जो एक बेहतर लाइफस्टाइल की तलाश में हैं। सोनीपत मास्टर प्लान 2031 और मेट्रो के नाथूपुर तक विस्तार की खबरों ने यहाँ की मांग में जबरदस्त उछाल पैदा किया है, जिससे यह मध्यम वर्ग के लिए किफायती और भविष्य के लिए लाभदायक विकल्प बन गया है।

विकास के मुख्य कारक और विशेषज्ञों की राय

Sonipat की इस छलांग के पीछे रणनीतिक कनेक्टिविटी सबसे बड़ा कारण है। हीरो रियल्टी के सीईओ रोहित किशोर के अनुसार, बेहतर सड़कों ने यात्रा का समय कम किया है, जिससे लोग यहाँ बसने के लिए उत्साहित हैं। वहीं, रॉयल ग्रीन रियल्टी के एमडी यशांक वासन का मानना है कि 2025 सोनीपत के नाम रहा और मेट्रो का विस्तार इसे लंबी अवधि के निवेश के लिए सबसे आकर्षक शहर बना देगा।

प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाएं:

  • UER-II: एयरपोर्ट की दूरी अब मात्र 30-40 मिनट।

  • मेट्रो विस्तार: समयपुर-बदली से नाथूपुर तक कनेक्टिविटी।

  • KMP एक्सप्रेसवे: गुरुग्राम और नोएडा तक पहुंच को सुगम बनाया।

बदलता खरीदार प्रोफाइल

अब Sonipat में केवल प्लॉट लेकर छोड़ने वाले निवेशक ही नहीं, बल्कि नौकरीपेशा पेशेवर भी घर तलाश रहे हैं। जिंदल रियल्टी के अभय कुमार मिश्रा और न्यूस्टोन के रजत बोकोलिया के अनुसार, यहाँ लग्जरी और किफायती दोनों तरह के घरों की मांग बढ़ी है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि 2026 के बंपर रिटर्न का लाभ उठाने के लिए अभी निवेश का सही समय है, बशर्ते प्रोजेक्ट का RERA रजिस्ट्रेशन और कानूनी जांच ठीक से की गई हो।

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