Supreme Court: CJI सूर्यकांत ने बताया कैसी होंगी भविष्य की अदालतें, वकील क्यों बोले इसकी कभी जरूरत ना पड़े

CJI सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट के नए इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी दी। नई संवैधानिक अदालतें, आधुनिक सुविधाएं और सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी भविष्य में न्याय व्यवस्था को अधिक सक्षम और सुविधाजनक बनाएंगी।

supreme court infrastructure upgrade and future constitutional courts plan by cji

Supreme Court Future Vision: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के बदलते बुनियादी ढांचे और भविष्य की तैयारियों को लेकर अहम बातें साझा कीं। उन्होंने वरिष्ठ वकीलों के साथ अनौपचारिक बातचीत के दौरान बताया कि सुप्रीम कोर्ट का इंफ्रास्ट्रक्चर अब पूरी तरह नए रूप में सामने आएगा। इसका मकसद आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अदालतों को और ज्यादा सक्षम, सुविधाजनक और आधुनिक बनाना है।

सुप्रीम कोर्ट मुख्य भवन सुरक्षित रहेगा

सीजेआई ने साफ कहा कि सुप्रीम कोर्ट का मौजूदा मुख्य भवन अपनी ऐतिहासिक पहचान के कारण सुरक्षित रहेगा। यह एक हेरिटेज बिल्डिंग है, इसलिए इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। हालांकि, इसके आसपास जो नया निर्माण चल रहा है, वह पूरी तरह आधुनिक सोच पर आधारित है। इसी नए परिसर में तीन नई संवैधानिक अदालतें बनाई जा रही हैं।

बड़ी पीठ बनाने की कभी जरूरत न पड़े

जस्टिस सूर्यकांत ने बताया कि इन अदालतों को बेहद विशाल बनाया जा रहा है। पहली अदालत में एक साथ 17 जजों की पीठ बैठ सकेगी। दूसरी अदालत में 15 जजों और तीसरी में 13 जजों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसका उद्देश्य यह है कि भविष्य में अगर किसी बड़े संवैधानिक मामले की सुनवाई करनी पड़े, तो जगह की कमी आड़े न आए।

इस बात पर वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उम्मीद यही है कि कभी 13 जजों से बड़ी पीठ बनाने की जरूरत न पड़े। उनका इशारा ऐतिहासिक केशवानंद भारती मामले की ओर था, जिसमें 13 जजों की सबसे बड़ी पीठ बैठी थी। आमतौर पर इतनी बड़ी पीठ तभी बनती है, जब देश के सामने कोई बहुत बड़ा संवैधानिक सवाल खड़ा हो जाता है।

शानदार होगा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष का ऑफिस

सीजेआई ने नई सुविधाओं पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि नए परिसर में महिला वकीलों के लिए अलग बार रूम होंगे। इसके अलावा पूरा परिसर सेंट्रली एयर कंडीशन्ड होगा, ताकि गर्मी और उमस से राहत मिल सके। उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष का ऑफिस इतना शानदार होगा कि वह भारत के मुख्य न्यायाधीश के चैंबर से कम नहीं लगेगा। यह वरिष्ठ वकीलों के लिए चुनाव लड़ने का एक तरह से प्रोत्साहन होगा।

इस पर शंकरनारायणन ने जवाब दिया कि उम्मीद है, जो भी उस ऑफिस में बैठेगा, वह उसके योग्य भी होगा। इस बातचीत से साफ झलकता है कि सुप्रीम कोर्ट भविष्य की जरूरतों को लेकर गंभीरता से तैयारी कर रहा है।

सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी का प्रस्ताव

सीजेआई ने सुप्रीम कोर्ट तक सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि भारत के मौसम को देखते हुए वकीलों और आम लोगों के लिए यह बहुत जरूरी है कि मेट्रो सीधे सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे। इससे बारिश और तेज गर्मी में लोगों को काफी राहत मिलेगी और आने-जाने में भी आसानी होगी।

कुल मिलाकर, सुप्रीम कोर्ट का यह नया स्वरूप न सिर्फ कामकाज को बेहतर बनाएगा, बल्कि न्याय व्यवस्था को और ज्यादा आधुनिक और सुगम बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

Exit mobile version