FASTag Rules: नए साल में NHAI ने FASTag यूजर्स को दी बड़ी खुशखबरी,अब बार-बार KYV कराने की जरूरत नहीं

एनएचएआई के नए फैसले से कार FASTag यूजर्स को राहत मिली है। अब नियमित KYV जरूरी नहीं होगी। सिर्फ शिकायत या गड़बड़ी पर ही जांच होगी, जिससे सिस्टम ज्यादा आसान और भरोसेमंद बनेगा।

Big Change in FASTag Rules:नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने FASTag से जुड़े नियमों में एक अहम और राहत भरा बदलाव किया है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य FASTag एक्टिवेशन के बाद वाहन चालकों को होने वाली परेशानियों और बेवजह के उत्पीड़न को खत्म करना है। एनएचएआई का कहना है कि इस नए नियम से लाखों वाहन मालिकों को सीधा फायदा मिलेगा।

क्यों जरूरी था यह बदलाव

अब तक कई ऐसे वाहन चालक थे, जिनके पास सभी जरूरी और वैध दस्तावेज होने के बावजूद KYV प्रक्रिया के कारण FASTag से जुड़ी दिक्कतें आती थीं। कई बार FASTag अचानक बंद हो जाता था, जिससे टोल प्लाजा पर लंबी लाइन और बहस की स्थिति बन जाती थी। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए एनएचएआई ने यह बड़ा कदम उठाया है।

अब KYV कब नहीं कराना होगा

एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि कारों के लिए पहले से जारी किए गए FASTag पर अब नियमित रूप से KYV कराना जरूरी नहीं होगा। यानी, अगर आपका FASTag सही तरीके से काम कर रहा है और उससे जुड़ी कोई शिकायत नहीं है, तो आपको बार-बार KYV कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे आम वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी।

किन मामलों में फिर भी होगी KYV

हालांकि, कुछ खास परिस्थितियों में KYV प्रक्रिया अब भी लागू होगी। अगर FASTag ढीला पाया जाता है, गलत वाहन पर लगा हो, गलत तरीके से जारी किया गया हो या उसके दुरुपयोग की शिकायत मिलती है, तो ऐसी स्थिति में KYV कराना जरूरी होगा। एनएचएआई का कहना है कि यह कदम सिस्टम की सुरक्षा बनाए रखने के लिए जरूरी है।

बैंकों के लिए भी सख्त नियम

एनएचएआई ने FASTag जारी करने वाले बैंकों के लिए प्री-एक्टिवेशन वैलिडेशन प्रक्रिया को और मजबूत किया है। अब FASTag को सक्रिय करने से पहले वाहन का सत्यापन VAHAN पोर्टल के जरिए अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि FASTag सही वाहन के नाम पर ही जारी हो।

सिस्टम को बनाने की कोशिश और आसान

प्राधिकरण का मानना है कि यह सुधार FASTag सिस्टम को और ज्यादा सरल, पारदर्शी और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाएगा। इससे टोल प्लाजा पर होने वाली अनावश्यक देरी कम होगी और लोगों का समय बचेगा। साथ ही, डिजिटल टोल सिस्टम पर लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा।

पहले KYV में क्या करना पड़ता था

KYV यानी “Know Your Vehicle” एक वेरिफिकेशन प्रक्रिया थी, जिसका मकसद यह जांचना था कि FASTag उसी वाहन पर लगा है, जिसके लिए वह जारी किया गया है। इसमें वाहन मालिक को अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) और वाहन की फोटो अपलोड करनी होती थी। यह प्रक्रिया हर तीन साल में दोहरानी पड़ती थी और FASTag को एक्टिव रखने के लिए जरूरी थी। अब सामान्य कार चालकों को इससे राहत मिल गई है।

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