Gold Silver Price Fall: बीते दिनों सोना और चांदी ने निवेशकों को चौंका दिया था। चांदी का भाव रिकॉर्ड 3.35 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया, जबकि सोना 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर कारोबार करता दिखा। बाजार में यह तेजी सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग की वजह से आई थी।
लेकिन शुक्रवार को तस्वीर पूरी तरह बदल गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX में बाजार खुलते ही सोना और चांदी दोनों में तेज गिरावट देखने को मिली। सुबह के कारोबार में ही चांदी करीब 20 हजार रुपये तक सस्ती हो गई और सोने में भी लगभग 4 हजार रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
शाम तक और फिसले भाव
शाम 6.20 बजे तक चांदी की कीमत 9,185 रुपये टूटकर 3,09,307 रुपये प्रति किलो पर आ गई। वहीं फरवरी वायदा वाला सोना भी दबाव में नजर आया। एमसीएक्स पर 10 ग्राम सोना 1,282 रुपये गिरकर 1,51,580 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा।
निवेशकों के मन में सवाल उठने लगे कि आखिर इतनी तेज गिरावट क्यों आई, जबकि हाल ही में कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर थीं।
ट्रंप के बयान से बदला माहौल
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान माना जा रहा है। दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान ट्रंप ने भारत और अमेरिका के बीच जल्द ट्रेड डील होने के संकेत दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच एक शानदार व्यापार समझौता होने जा रहा है।
इस बयान के बाद निवेशकों का भरोसा शेयर बाजार की ओर बढ़ा और सोना-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में मुनाफावसूली शुरू हो गई।
वैश्विक तनाव में कमी का असर
ट्रंप ने यूरोप और ग्रीनलैंड को लेकर भी नरम रुख दिखाया। उन्होंने यूरोप के आठ देशों पर प्रस्तावित 10 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी वापस ले ली। साथ ही कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर ऐसा प्लान लाया जाएगा, जिससे अमेरिका और यूरोप दोनों को फायदा हो।
इन बयानों से वैश्विक स्तर पर तनाव कम हुआ और सेफ हेवन यानी सुरक्षित निवेश की मांग घट गई। इसका सीधा असर सोना और चांदी की कीमतों पर पड़ा।
ETF बिकवाली और डॉलर की मजबूती
ट्रंप के बयान के अलावा गोल्ड और सिल्वर ETF में भारी बिकवाली भी गिरावट की एक बड़ी वजह बनी। गुरुवार को इन ETF में करीब 16 फीसदी तक की टूट देखी गई।
इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है। रुपये और अन्य मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में तेजी आने से भी सोना और चांदी दबाव में आ गए।
आगे क्या रहेगा रुख
जानकारों का कहना है कि मौजूदा गिरावट प्रॉफिट बुकिंग और करेक्शन का नतीजा है। इसे किसी बड़ी मंदी के संकेत के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। शॉर्ट टर्म में दामों पर थोड़ा दबाव रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि में तस्वीर अब भी मजबूत मानी जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक केंद्रीय बैंकों की खरीद, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और महंगाई का खतरा आगे चलकर सोना-चांदी को फिर सहारा दे सकता है।
