India-US Trade Agreement : भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहा टैरिफ विवाद अब औपचारिक रूप से खत्म हो गया है। शनिवार को व्हाइट हाउस की ओर से जारी संयुक्त बयान में बताया गया कि दोनों देश एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमत हो गए हैं। इस समझौते से न केवल टैरिफ वॉर खत्म होगा, बल्कि व्यापारिक रिश्तों में एक नया रणनीतिक दौर भी शुरू होगा।
25% अतिरिक्त टैरिफ हटाया गया
इस समझौते की सबसे बड़ी घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए उस आदेश को माना जा रहा है, जिसके तहत रूसी तेल आयात के कारण भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ तुरंत हटा दिया गया है। इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है और दोनों देशों के व्यापार में नई गति आने की उम्मीद है।
अंतरिम समझौते का ढांचा
संयुक्त बयान में कहा गया कि भारत और अमेरिका ने आपसी लाभ वाले व्यापार के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार किया है। यह समझौता व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसकी बातचीत फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने शुरू की थी।
भारत करेगा टैरिफ में कटौती
इस समझौते के तहत भारत कई अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर टैरिफ खत्म या कम करेगा। इनमें पशु आहार में इस्तेमाल होने वाला अनाज, सूखे मेवे, फल, सोयाबीन तेल और शराब जैसे उत्पाद शामिल हैं। इसके बदले अमेरिका भारतीय कपड़ा, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक, रसायन, हस्तशिल्प और कुछ मशीनरी उत्पादों पर 18 प्रतिशत टैरिफ लागू करेगा।
निर्यात को मिलेगा फायदा
अगर अंतरिम समझौता सफल रहता है तो अमेरिका भारतीय जेनेरिक दवाओं, रत्न-हीरे और विमान के पुर्जों पर टैरिफ हटाने पर भी विचार करेगा। साथ ही कुछ विमान और विमान के पुर्जों पर पहले से लगे अतिरिक्त शुल्क भी हटाए जाएंगे। इससे भारतीय उद्योगों को बड़ा फायदा मिल सकता है।
गैर-टैरिफ बाधाएं होंगी कम
दोनों देशों ने गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने पर भी सहमति जताई है। भारत अमेरिकी मेडिकल उपकरणों और तकनीकी उत्पादों से जुड़े पुराने मुद्दों को सुलझाएगा। साथ ही आयात लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को आसान बनाने और अंतरराष्ट्रीय मानकों को स्वीकार करने पर भी काम करेगा।
बढ़ेगा व्यापार और सहयोग
भारत ने अगले पांच साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के सामान खरीदने का इरादा जताया है। इसमें ऊर्जा उत्पाद, विमान, तकनीकी उपकरण और कीमती धातुएं शामिल होंगी। दोनों देश तकनीक, डेटा सेंटर और डिजिटल व्यापार में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।
भविष्य के लिए नई दिशा
दोनों देशों ने साफ किया है कि यह समझौता सिर्फ शुरुआत है। आगे व्यापक व्यापार समझौते पर बातचीत जारी रहेगी। उम्मीद है कि इससे दोनों देशों के उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और आर्थिक साझेदारी और मजबूत होगी।



