Modi Cabinet Reshuffle Update: साल 2026 की शुरुआत के साथ ही देश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। राजधानी दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही अपनी कैबिनेट में बड़ा बदलाव कर सकते हैं। माना जा रहा है कि आम बजट से पहले यह फेरबदल हो सकता है, ताकि सरकार नए साल और आने वाले चुनावी दौर में नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ सके।
यह बदलाव केवल मंत्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। भारतीय जनता पार्टी के संगठन में भी बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी है। हाल ही में युवा नेता नितिन नवीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद साफ संकेत मिल गया है कि बीजेपी अब ‘जेनरेशन शिफ्ट’ की ओर बढ़ रही है। इसी सोच की झलक आने वाले कैबिनेट विस्तार में भी देखने को मिल सकती है।
नितिन नवीन की टीम और बीजेपी संगठन का नया ढांचा
सूत्रों के मुताबिक, इसी महीने बीजेपी को नितिन नवीन के रूप में नया पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है। अध्यक्ष चुने जाने के बाद अगले महीने पार्टी की नेशनल काउंसिल की अहम बैठक होने की संभावना है। इस बैठक में न सिर्फ अध्यक्ष पद पर औपचारिक मुहर लगेगी, बल्कि पार्टी की पूरी राष्ट्रीय टीम का ढांचा भी बदला जा सकता है।
चर्चा है कि नई टीम में अनुभव और युवाओं का संतुलन देखने को मिलेगा। लंबे समय से संगठन में जमे कई वरिष्ठ नेताओं को या तो मार्गदर्शक की भूमिका दी जा सकती है या फिर उन्हें सीधे चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है। यह बदलाव आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 की तैयारी को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
छह मंत्रियों की विदाई और यूपी से नए चेहरे की चर्चा
कैबिनेट फेरबदल की एक बड़ी वजह राज्यसभा का गणित भी है। इस साल एनडीए सरकार के छह मंत्रियों का राज्यसभा कार्यकाल पूरा हो रहा है। इनमें से चार मंत्रियों का कार्यकाल अप्रैल से जून के बीच खत्म होगा। ऐसे में माना जा रहा है कि इनकी जगह नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी इस फेरबदल का असर दिख सकता है। हाल ही में यूपी के ब्राह्मण विधायकों की एक बंद कमरे की बैठक के बाद राजनीतिक हलचल तेज हुई थी। इसके बाद हाईकमान अब संतुलन बनाने की कोशिश में जुटा है। चर्चा है कि यूपी से एक प्रभावशाली ब्राह्मण नेता, जो राज्यसभा में अपनी तेज भाषण शैली के लिए जाने जाते हैं, उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। इसे 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले एक अहम कदम माना जा रहा है।
सहयोगी दलों की भी बढ़ सकती है ताकत
इस बार कैबिनेट विस्तार में सहयोगी दलों को भी साधने की तैयारी है। बिहार में नीतीश कुमार की जेडीयू को एक और मंत्री पद मिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, महाराष्ट्र की राजनीति पर भी केंद्र की खास नजर है।
सूत्र बताते हैं कि एनसीपी (अजित पवार गुट) के एक वरिष्ठ नेता को सीधे कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। पहले उन्हें स्वतंत्र प्रभार का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उन्होंने उसे स्वीकार नहीं किया था। अब निकाय चुनाव और राज्य की सियासी जरूरतों को देखते हुए उन्हें बड़ा मंत्रालय मिलने की संभावना है।



