Silver Rate: शादी-ब्याह का सीजन नहीं होने के बावजूद चांदी में जबरदस्त तेजी, वायदा बाजार से लेकर घरेलू बाजार तक उछाल

12 जनवरी 2026 को चांदी की कीमतें रिकॉर्ड हाई के करीब पहुंच गईं। घरेलू और वायदा बाजार में जोरदार तेजी दिखी। अंतरराष्ट्रीय तनाव और कमजोर डॉलर ने चांदी को मजबूती दी।

Silver rate today January 2026 India

Silver Rate Today 12 January 2026: खरमास के दौरान आमतौर पर सोना-चांदी की खरीदारी थोड़ी धीमी रहती है, लेकिन इस बार चांदी ने सभी उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया है। 12 जनवरी 2026 को देशभर में चांदी की कीमतें ऑल टाइम हाई के बेहद करीब पहुंच गईं। घरेलू बाजार में जहां हल्की उठापटक दिखी, वहीं वायदा बाजार में आई तेज तेजी ने निवेशकों और ग्राहकों, दोनों को चौंका दिया।
दिल्ली में सोमवार सुबह चांदी ₹2,59,900 प्रति किलो पर खुली। यह रेट पिछले दिन के मुकाबले करीब ₹100 कम था, लेकिन कुछ ही घंटों में बाजार का रुख पूरी तरह बदल गया। गुडरिटर्न्स के मुताबिक, दोपहर तक चांदी का भाव उछलकर सीधे ₹2,70,000 प्रति किलो तक पहुंच गया। यानी एक ही दिन में चांदी ने लंबी छलांग लगा ली।

वायदा बाजार में दिखी जबरदस्त तेजी

एमसीएक्स (MCX) पर चांदी के मार्च वायदा में भी जोरदार उछाल देखने को मिला। सोमवार को यह करीब 4 फीसदी की तेजी के साथ ₹2,62,834 प्रति किलो पर खुली, जबकि इसका पिछला बंद ₹2,52,725 था। कारोबार के दौरान चांदी ने ₹2,63,996 प्रति किलो का नया रिकॉर्ड हाई भी बना दिया।
दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले लगातार दो दिनों तक चांदी के दाम करीब ₹8,000 प्रति किलो तक गिरे थे। इसके बाद एक ही दिन में इसमें ₹11,000 की बड़ी तेजी आई और अब फिर से यह नई ऊंचाइयों को छूती नजर आ रही है। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, सोमवार सुबह तक चांदी का रेट करीब ₹2,42,808 प्रति किलो था, जो कुछ ही घंटों में काफी ऊपर चला गया।

देश के बड़े शहरों में चांदी का ताजा भाव

12 जनवरी 2026 को दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, कानपुर, नोएडा, गाजियाबाद, जयपुर, अहमदाबाद, पुणे और चंडीगढ़ जैसे शहरों में चांदी का भाव लगभग ₹2,700 प्रति 10 ग्राम और ₹2,70,000 प्रति किलो रहा। वहीं चेन्नई, केरल, भुवनेश्वर और हैदराबाद जैसे शहरों में चांदी थोड़ी महंगी रही, जहां 10 ग्राम का रेट करीब ₹2,870 और एक किलो का भाव ₹2,87,000 के आसपास दर्ज किया गया।

चांदी क्यों बना रही है नए रिकॉर्ड?

चांदी की कीमतों में इस तेजी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय वजहें हैं। ईरान में चल रहे बड़े विरोध प्रदर्शन और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर ले जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस भू-राजनीतिक अनिश्चितता का सीधा फायदा सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं को मिल रहा है।
इसके अलावा अमेरिका से आए कमजोर जॉब ग्रोथ के आंकड़ों ने यह उम्मीद बढ़ा दी है कि फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। कमजोर डॉलर की वजह से भी चांदी और सोने की चमक और तेज हुई है।

भारत में चांदी के दाम कैसे तय होते हैं?

भारत में चांदी के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़े होते हैं। ग्लोबल एक्सचेंज पर डॉलर में तय कीमत, रुपये की डॉलर के मुकाबले स्थिति, इंपोर्ट ड्यूटी, जीएसटी और ट्रांसपोर्ट खर्च मिलकर देश में अंतिम रेट तय करते हैं। इसके अलावा स्थानीय मांग और ज्वैलर्स का मार्जिन भी कीमतों को प्रभावित करता है।

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