Message from USA: टेरिफ ही नहीं हटा पूरा कश्मीर भी भारत का, व्यापार समझौते के बाद जारी नक्शे ने पाकिस्तान को दिया करारा झटका

अमेरिका ने व्यापार समझौते के बाद जारी नक्शे में जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा दिखाया है। इससे पाकिस्तान के दावों को झटका लगा और दुनिया को स्पष्ट संदेश मिला कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है।

US Map Shows Kashmir As Part India

Clear Message from USA: जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। इस मुद्दे पर पाकिस्तान लंबे समय से बयानबाजी और प्रचार करता रहा है। लेकिन दुनिया के ज्यादातर देश इस सच्चाई को जानते हैं। अब अमेरिका की ओर से एक ऐसा कदम सामने आया है, जिसे पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

ट्रेड डील के बाद नक्शा जारी

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की रूपरेखा तय होने के बाद अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने भारत का एक आधिकारिक नक्शा जारी किया। इस नक्शे में भारत की सीमाओं को स्पष्ट दिखाया गया है। खास बात यह है कि इसमें जम्मू और कश्मीर को पूरी तरह भारत का हिस्सा दिखाया गया है।

पीओके भी दिखा भारत में

जारी नक्शे में उत्तरी केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर को भारत के नक्शे में शामिल किया गया है। इसमें वह क्षेत्र भी दिखाया गया है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है, यानी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर। इस कदम को कूटनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।

पाकिस्तान के दावों को झटका

विशेषज्ञों का मानना है कि यह नक्शा पाकिस्तान के उस प्रचार को करारा जवाब है, जिसमें वह कश्मीर पर अपना दावा करता रहा है। अमेरिका द्वारा जारी इस ग्राफिक से साफ संकेत मिलता है कि वॉशिंगटन भारत के राजनीतिक नक्शे और उसकी सीमाओं को स्वीकार करता है।

व्यापार से जुड़ा था ग्राफिक

दरअसल, यह नक्शा अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय द्वारा साझा किए गए एक ग्राफिक का हिस्सा था। इसमें बताया गया कि नए व्यापार समझौते के बाद अमेरिकी उत्पादों को भारत के बाजार में ज्यादा पहुंच मिलेगी। इस सूची में अमेरिकी मेवे, लाल ज्वार, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सूखे अनाज और अमेरिकी शराब जैसे उत्पाद शामिल हैं।

दुनिया को गया स्पष्ट संदेश

इस नक्शे को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि अमेरिका ने इस कदम से स्पष्ट कर दिया है कि वह वास्तविक स्थिति को स्वीकार करता है। यह नक्शा सिर्फ एक ग्राफिक नहीं, बल्कि एक कूटनीतिक संकेत भी है, जो बताता है कि अमेरिका निराधार दावों के बजाय तथ्य और वास्तविकता का समर्थन करता है।

भारत के लिए कूटनीतिक मजबूती

विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय स्थिति और मजबूत होगी। कश्मीर पर भारत का रुख पहले से ही साफ है और अब अमेरिका के इस कदम से भारत को वैश्विक स्तर पर और समर्थन मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में यह कदम भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत कर सकता है।

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