शहर में बंदरों के बढ़ते आतंक से परेशान लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। नगर निगम पहले चरण में करीब 12 हजार बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाएगा। इसके लिए एक एजेंसी का चयन किया जाएगा और उसके माध्यम से बंदरों को पकड़कर सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ा जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक एजेंसी तय होते ही अभियान शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद जरूरत के अनुसार आगे भी बंदरों को पकड़ने का काम जारी रहेगा।
हर वार्ड में बनेगा रोस्टर
नगर निगम बंदरों को पकड़ने के लिए शहर के अलग-अलग वार्डों का रोस्टर तैयार करेगा। इसी योजना के अनुसार चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाया जाएगा। सिविल लाइंस, ग्रीन पार्क, शास्त्रीनगर, सुभाषनगर, कालीबाड़ी, मिनी बाइपास रोड के पास बसंत विहार कॉलोनी और पुराने शहर समेत कई इलाकों में बंदरों के झुंड लगातार परेशानी का कारण बने हुए हैं। इन क्षेत्रों में लोग घर से बाहर निकलने और रोजमर्रा के काम करने में भी सावधानी बरतने को मजबूर हैं।
छतों पर भी खतरा
बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि लोगों को घर की छत पर कपड़े सुखाने तक में सावधानी बरतनी पड़ती है। कई जगह बंदर घरों में घुसकर खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं। दरवाजा खुला मिलने पर वे फ्रिज तक खोलने की कोशिश करते हैं और घर में रखा सामान बिखेर देते हैं। इससे लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ चोट लगने का भी डर बना रहता है।
हमले में हुई मौत
कालीबाड़ी इलाके में बंदरों के हमले का गंभीर मामला सामने आ चुका है। पिछले साल एक बुजुर्ग पर घर की तीसरी मंजिल पर बंदर ने हमला कर दिया था। हमले के दौरान संतुलन बिगड़ने से बुजुर्ग नीचे गिर गए और उनकी मौत हो गई। स्थानीय पार्षद हरिशंकर राजपूत के मुताबिक इलाके में बंदरों की संख्या और उनका उत्पात लगातार बढ़ रहा है। लोगों ने कई बार नगर निगम से समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
नगर निगम उठाएगा जिम्मेदारी
बंदरों को पकड़ने को लेकर नगर निगम और वन विभाग के बीच जिम्मेदारी को लेकर लंबे समय से स्थिति स्पष्ट नहीं थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद शासन ने नगर निकायों को ही बंदरों को पकड़ने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने पशु कल्याण विभाग को एजेंसी के चयन के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। एजेंसी तय होते ही अभियान शुरू होगा। पहले चरण में 12 हजार बंदरों को जंगल में छोड़ा जाएगा और शिकायतें जारी रहने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
