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BSEB: कल आएगा बिहार के matric के बच्चों का रिजल्ट, कहां और कैसे देखे रिजल्ट…

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Bihar: बीएसईबी (BSEB) बिहार बोर्ड 10वीं मैट्रिक परिणाम 2024 लाइव अपडेट: कला, विज्ञान और वाणिज्य में इंटरमीडिएट की शिक्षा अब नए सत्र से केवल एचएस स्कूलों में प्रदान की जाएगी। इस वर्ष कक्षा 10 उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को एचएस स्कूलों में दाखिला लेना होगा।

कब और कहां आएगा रिजल्ट?

बीएसईबी (BSEB) बिहार बोर्ड 10वीं मैट्रिक परिणाम 2024 लाइव अपडेट: बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) 31 मार्च तक परिणाम घोषित करेगा। घोषणा होने पर, छात्र अपने बीएसईबी परिणाम 2024 मैट्रिक स्कोर आधिकारिक वेबसाइटों – Results.biharboardonline.com और biharboardonline.gov.in पर देख सकेंगे।

15 फरवरी को बीएसईबी ने परीक्षाएं शुरू कीं, जिसमें 16,94,781 छात्रों ने नामांकन किया था। इनमें 8,72,194 छात्राएं और 8,22,587 विद्यार्थी शामिल थे। बीएसईबी बोर्ड की कक्षा 10 की परीक्षा राज्य में 1,500 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर हुई थी।

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पिछले साल का रिजल्ट ?

पिछले वर्ष, बिहार बोर्ड ने 14 फरवरी से 22 फरवरी तक मैट्रिक परीक्षा की थी, जिसके परिणाम 31 मार्च को जारी किए गए थे। 2022 में भी, 31 मार्च को कक्षा 10 का परिणाम घोषित किया गया था। पिछले वर्ष के रुझानों के अनुसार, BSEB कक्षा 10 का परिणाम 2024 में 1 अप्रैल से पहले उपलब्ध कराया जाएगा।

बिहार सरकार के हालिया विकास में, सभी तीन धाराओं – कला, विज्ञान और वाणिज्य में इंटरमीडिएट शिक्षा अब नए सत्र से केवल उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रदान की जाएगी। इस वर्ष कक्षा 10 उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को एचएस स्कूलों में दाखिला लेना होगा।

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विवादित रहा है बिहार बोर्ड 

बिहार बोर्ड के पुराने विवादों में कुछ मुख्य मुद्दे शामिल हो सकते हैं:

1. गलत रिजल्ट घोषणा: कई बार रिपोर्ट्स मिली हैं कि बिहार बोर्ड द्वारा रिजल्ट की गलत घोषणाएँ की गईं हैं, जिससे छात्रों को नुकसान हुआ है। ऐसे मामलों में छात्र और उनके परिवारों ने बोर्ड के खिलाफ आंदोलन किया है।

2. परीक्षा की आपराधिकता: कई बार बिहार बोर्ड की परीक्षाओं में आपराधिकता का मामला सामने आया है, जिसमें विभिन्न सामग्री चोरी या गलत तरीके से प्रयोग किया गया है। इससे बोर्ड का नामांकन को कई बार सवाल उठा है।

3. अस्वीकृत पुस्तकें: कई बार बिहार बोर्ड ने विभिन्न पाठ्यक्रमों और पुस्तकों को मान्यता दी है, जिनमें त्रुटियाँ होती हैं या जो अस्वीकृत मानी गई हैं। छात्रों और उनके अभिभावकों ने इस पर सवाल उठाया है।

4. परीक्षा समय में गतिविधियों की स्थगितता: कुछ बार बिहार बोर्ड की परीक्षाओं के समय अनुसूचित जातियों के लोगों द्वारा विरोधक गतिविधियों की स्थगितता हुई है, जिससे परीक्षा की व्यवस्था पर प्रभाव पड़ा है।

ये कुछ पुराने विवाद थे जो बिहार बोर्ड के संबंध में सामने आए थे। इनमें से कुछ मामले समाधानित हो चुके होंगे, लेकिन कुछ विवाद अब भी चल रहे हो सकते हैं।

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