IIT बॉम्बे में छात्र की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। 18 सितंबर को दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद कैंपस में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। यह IIT बॉम्बे में करीब सात महीनों के भीतर तीसरी छात्र आत्महत्या की घटना बताई गई है।
इससे पहले फरवरी में 21 वर्षीय बीटेक छात्र नमन अग्रवाल की मौत हुई थी। जुलाई में भी 20 वर्षीय छात्र सोहिल राजकुमार सांगवान की मौत का मामला सामने आया था। इन घटनाओं के बाद छात्रों ने संस्थान में छात्र कल्याण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठाए हैं।
परीक्षा के बाद छात्र की मौत
साहिल वाकोडे एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में दूसरे वर्ष के छात्र थे। IIT बॉम्बे के मुताबिक परीक्षा के दौरान उन्हें मोबाइल फोन इस्तेमाल करते पाया गया था। संस्थान ने कहा कि उन्होंने प्रश्नपत्र को ChatGPT पर अपलोड कर जवाब तलाशने की कोशिश की थी।
IIT बॉम्बे ने बताया कि घटना के बाद छात्र से इंस्ट्रक्टर और विभागाध्यक्ष ने बातचीत की थी। संस्थान के अनुसार उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी और उन्हें समझाया गया था कि इस घटना से उनके अकादमिक करियर पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। बाद में छात्र अपने हॉस्टल लौट गए, जहां शाम को उन्हें मृत पाया गया।
छात्रों ने उठाए सवाल
घटना के बाद 400 से ज्यादा छात्रों ने कैंपस में विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्रशासन से घटना की पारदर्शी जांच और जवाबदेही की मांग की। उनका कहना था कि लगातार ऐसी घटनाओं के कारणों को समझने और उन्हें रोकने के लिए संस्थान को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था, अनुशासनात्मक प्रक्रिया और छात्र सहायता व्यवस्था में बदलाव की मांग भी रखी है। इसके बाद प्रशासन ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों पर आगे बातचीत करने की बात कही।
पांच साल में 74 मामले
Global IIT Alumni Support Group के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2021 से 18 सितंबर 2026 के बीच IIT कैंपस में आत्महत्या और अन्य अप्राकृतिक मौतों के कुल 74 मामले दर्ज हुए। यह आंकड़ा केवल आत्महत्याओं तक सीमित नहीं है। इसे RTI से मिली जानकारी और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है।
इन आंकड़ों में IIT खड़गपुर 13 मामलों के साथ सबसे ऊपर है। IIT कानपुर और IIT दिल्ली में 9-9, IIT मद्रास में 7, जबकि IIT गुवाहाटी और IIT बॉम्बे में 6-6 मामले दर्ज किए गए। IIT वाराणसी में 5 और IIT रुड़की तथा IIT हैदराबाद में 4-4 मामले सामने आए।
2026 में बॉम्बे में तीन मामले
आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2021 के बाद IIT बॉम्बे में दर्ज छह मामलों में से तीन मामले अकेले 2026 में हुए हैं। ताजा घटना के बाद छात्रों का विरोध इस बात पर केंद्रित है कि संस्थान छात्र सुरक्षा और सहायता व्यवस्था को और मजबूत करे।
पिछले 20 वर्षों के आंकड़ों में जनवरी 2006 से सितंबर 2026 के बीच IIT में आत्महत्या या अन्य अप्राकृतिक मौतों के कम से कम 171 मामले बताए गए हैं। इनमें 2006 से 2015 के बीच 51 और 2016 से 2026 के बीच 120 मामले शामिल हैं।

