RTE Admission Update:निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार यानी आरटीई के तहत निजी स्कूलों में बच्चों के दाखिले के लिए पहले चरण की आवेदन प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है। प्री-नर्सरी और कक्षा एक में प्रवेश के लिए बड़ी संख्या में अभिभावकों ने आवेदन किया। आवेदन करने की अंतिम तारीख 16 फरवरी तय की गई थी, जिसके बाद पोर्टल बंद कर दिया गया।
लाखों अभिभावकों ने किया आवेदन
इस बार पहले चरण में दो लाख 57 हजार से ज्यादा अभिभावकों ने अपने बच्चों के दाखिले के लिए आवेदन किया है। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने से साफ है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवार अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए आरटीई योजना का लाभ लेना चाहते हैं। कई अभिभावकों ने समय रहते ऑनलाइन फॉर्म भरकर प्रक्रिया पूरी की।
18 फरवरी को होगी लॉटरी
अब इन सभी आवेदनों के आधार पर 18 फरवरी को ऑनलाइन लॉटरी के जरिए बच्चों का चयन किया जाएगा। चयन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी रखी जाएगी, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। जिन बच्चों का नाम लॉटरी में आएगा, उन्हें निजी स्कूलों में मुफ्त प्रवेश मिलेगा। अभिभावक आधिकारिक पोर्टल पर जाकर रिजल्ट देख सकेंगे।
दूसरे चरण का मिलेगा मौका
जो अभिभावक किसी वजह से पहले चरण में आवेदन नहीं कर पाए, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। सरकार की ओर से दूसरा चरण भी शुरू किया जा रहा है। दूसरा चरण 21 फरवरी से शुरू होगा, जिसमें नए अभिभावक अपने बच्चों के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह मौका उन परिवारों के लिए राहत लेकर आया है, जो पहले चरण में फॉर्म नहीं भर पाए थे।
25 प्रतिशत सीटें आरक्षित
आरटीई के नियमों के अनुसार निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं। इन सीटों पर बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जाती है। स्कूल फीस, किताबें और अन्य जरूरी सुविधाएं भी योजना के तहत दी जाती हैं, ताकि बच्चों की पढ़ाई में कोई रुकावट न आए।
पारदर्शी चयन की व्यवस्था
सरकार ने चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखने के लिए लॉटरी सिस्टम लागू किया है। इससे हर बच्चे को समान मौका मिलता है और किसी तरह की सिफारिश या पक्षपात की गुंजाइश नहीं रहती। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपडेट चेक करते रहें, ताकि चयन और प्रवेश से जुड़ी जानकारी मिलती रहे।
