TTE अनिवार्यता के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे शिक्षक,लखनऊ समेत प्रदेशभर में होगा प्रदर्शन

Teacher Eligibility Test (टीईटी) अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने प्रदेशभर में प्रदर्शन का ऐलान किया है। Lucknow समेत सभी जिला मुख्यालयों पर मशाल जुलूस निकाला जाएगा। शिक्षक संगठनों का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव को टीईटी के बराबर माना जाए और उनकी नौकरी व सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

Lucknow: परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के लिए Teacher Eligibility Test (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के विरोध में शिक्षकों के बीच भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले मशाल जुलूस निकाला जाएगा। शिक्षक संगठनों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।

 लखनऊ में बीएन सिंह प्रतिमा से निकलेगा मशाल जुलूस

राजधानी Lucknow में यह मशाल जुलूस शाम को बीएन सिंह प्रतिमा, K. D. Singh Babu Stadium से निकाला जाएगा। महासंघ के अध्यक्ष सुशील पांडेय ने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता शिक्षकों की अस्मिता से जुड़ा गंभीर मुद्दा है और इसे लेकर शिक्षकों में व्यापक नाराजगी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह मशाल जुलूस आगे चलकर बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।

 अनुभव को टीईटी के बराबर मानने की मांग

वहीं, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव को ही टीईटी के बराबर माना जाना चाहिए। संगठन का कहना है कि वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों की योग्यता और अनुभव को नजरअंदाज करना उचित नहीं है और उन्हें सेवा में बनाए रखा जाना चाहिए।

 केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भेजा गया पत्र

शिक्षक संगठनों ने इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर मांग की है कि Right to Education Act लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों की नौकरी और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। संगठनों का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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