UP Board High Tech Secure Marksheet : कभी नकल और अव्यवस्था को लेकर चर्चा में रहने वाला उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद अब अपनी छवि तेजी से बदल रहा है। बीते कुछ सालों में बोर्ड ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया है। अब वर्ष 2025 से बोर्ड ने एक नई और हाईटेक मार्कशीट जारी की है, जो मजबूती और सुरक्षा के मामले में खास बताई जा रही है।
बोर्ड का दावा है कि इस नई मार्कशीट की नकल बनाना लगभग असंभव है। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि कोई भी आसानी से इसकी कॉपी न बना सके।
नई पहचान बना रहा है यूपी बोर्ड
पिछले कुछ वर्षों में यूपी बोर्ड ने कई सुधार किए हैं। पहले जहां बोर्ड की व्यवस्था पर सवाल उठते थे, वहीं अब यह अपने नए प्रयोगों के कारण चर्चा में है। 2025 की परीक्षा से जारी यह नई मार्कशीट देश के अन्य शिक्षा बोर्डों के लिए भी मिसाल मानी जा रही है।
“फाड़कर दिखाओ तो 1 लाख रुपए”
बोर्ड के सचिव भगवती सिंह के कार्यालय में रखी यह मार्कशीट साधारण कागज जैसी नहीं है। इसकी मजबूती इतनी ज्यादा बताई जा रही है कि इसे हाथ से फाड़ना लगभग नामुमकिन है। सचिव ने यहां तक कह दिया कि जो कोई इसे हाथ से फाड़ देगा, उसे एक लाख रुपये इनाम दिए जाएंगे। कई लोगों ने कोशिश की, लेकिन अब तक कोई सफल नहीं हो सका।
पानी और समय का असर नहीं
इस मार्कशीट की एक और खास बात यह है कि यह पानी से खराब नहीं होती। जरूरत पड़ने पर इसे साबुन और पानी से साफ भी किया जा सकता है। इसे लैमिनेशन कराने की जरूरत नहीं है। बोर्ड का कहना है कि यह 70 से 80 साल तक सुरक्षित रह सकती है। यानी छात्रों को लंबे समय तक अपने दस्तावेज की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
धूप में दिखेगा असली निशान
मार्कशीट में एक खास सुरक्षा फीचर भी जोड़ा गया है। अगर इसे करीब एक मिनट तक धूप में रखा जाए, तो बोर्ड का लाल रंग का लोगो साफ दिखाई देने लगता है। जैसे ही इसे छांव में लाया जाता है, दो मिनट में लोगो गायब हो जाता है। यह यूवी तकनीक पर आधारित सुरक्षा तरीका है, जिससे असली और नकली मार्कशीट में फर्क आसानी से किया जा सकेगा।
53 लाख छात्रों को मिलेगा फायदा
साल 2025 की बोर्ड परीक्षा में करीब 53 लाख छात्र शामिल हुए हैं। इन सभी को यही नई मार्कशीट दी जाएगी। बोर्ड का कहना है कि आगे भी इसमें जरूरत के अनुसार सुधार किए जाते रहेंगे, ताकि छात्रों को सुरक्षित और टिकाऊ दस्तावेज मिल सके।



