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UP Board: नाम और जन्मतिथि में गलती है? सुधार का आखिरी मौका, 9 अप्रैल तक करें आवेदन

UP Board

UP Board Marksheet Correction: अगर आपके या आपके किसी परिचित के यूपी बोर्ड की हाईस्कूल या इंटर की मार्कशीट में नाम, जन्मतिथि, या अन्य विवरण में गलती है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। यूपी बोर्ड ने 2025 की परीक्षाओं में शामिल छात्र-छात्राओं को रिकॉर्ड्स में सुधार के लिए 7 से 9 अप्रैल तक का अंतिम मौका दिया है। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि इसके बाद कोई संशोधन नहीं होगा। सभी स्कूलों के प्रधानाचार्य और डीआईओएस को जरूरी दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। ऐसे में छात्र-छात्राएं और अभिभावक तुरंत अपने विद्यालय से संपर्क करें और संशोधन प्रक्रिया पूरी कर लें।

7 से 9 अप्रैल तक कर सकेंगे सुधार

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं को बोर्ड परीक्षा परिणाम जारी होने से पहले रिकॉर्ड में त्रुटि सुधारने का अंतिम अवसर प्रदान किया है। इसमें नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, लिंग, जाति, फोटो सहित अन्य आवश्यक विवरण शामिल हैं। इसके लिए स्कूल के प्रधानाचार्य परिषद की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर लॉगिन कर निर्धारित प्रारूप और मैनुअल डाउनलोड करेंगे। इसके बाद छात्र से विवरण लेकर, आवश्यक प्रमाणपत्रों के साथ संशोधन फॉर्म भरकर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) के पास भेजा जाएगा। DIOS की मंजूरी के बाद ही विवरणों को वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।

बिना प्रमाणपत्र नहीं होगा संशोधन

UP Board के सचिव भगवती सिंह ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार का संशोधन बिना प्रमाण पत्र के नहीं किया जाएगा। सभी डीआईओएस को पत्र भेजकर निर्देशित किया गया है कि संबंधित प्रधानाचार्य संशोधन प्रक्रिया समय पर पूरी करें। यदि 9 अप्रैल शाम 6 बजे तक सुधार कार्य पूरा नहीं किया जाता है, तो उसके बाद यह सुविधा समाप्त हो जाएगी और जिम्मेदारी संबंधित स्कूल प्रशासन की होगी। ऐसे में छात्रों को भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी से बचाने के लिए जरूरी है कि समय रहते सभी संशोधन पूरे कर लिए जाएं।

प्रैक्टिकल परीक्षा का भी अंतिम मौका

इसके साथ ही उन v इंटरमीडिएट छात्रों को भी राहत दी गई है, जो किसी कारणवश प्रयोगात्मक परीक्षा में शामिल नहीं हो सके थे। उनके लिए 7 और 8 अप्रैल को प्रयोगात्मक परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा संबंधित विद्यालय में ही एकल रूप से कराई जाएगी और अंक परीक्षक एप के माध्यम से अपलोड किए जाएंगे। इस बार कुल 36,932 छात्र-छात्राएं प्रयोगात्मक परीक्षा से वंचित रह गए थे, जिनके लिए यह आखिरी अवसर है।

विधान परिषद सदस्यों की शिकायत पर हुई पहल

गौरतलब है कि विधान परिषद सदस्यों श्री चंद शर्मा, उमेश द्विवेदी, डॉ. हरि सिंह ढिल्लों और राज बहादुर सिंह चंदेल ने बोर्ड को पत्र लिखकर हजारों छात्रों के रिकॉर्ड में त्रुटियों की शिकायत की थी। इसी के बाद बोर्ड ने यह विशेष अभियान शुरू किया है। पिछले वर्ष भी 20 हजार से अधिक छात्रों के रिकॉर्ड में सफलतापूर्वक सुधार किया गया था।

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