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19 की उम्र में पिता को खोने के बाद, अकेला बना था परिवार का रखवाला, अब Rise And Fall के विनर बन फैंस के दिलों पर छाए अर्जुन बिजलानी

Arjun Bijlani

Arjun Bijlani : टीवी की दुनिया के जाने-माने एक्टर अर्जुन बिजलानी ने रियलिटी शो ‘राइज़ एंड फॉल’ का खिताब जीतकर एक बार फिर सबका दिल जीत लिया है। उनकी इस शानदार जीत के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें फैंस और सेलेब्स से ढेरों बधाइयाँ मिल रही हैं। आज अर्जुन छोटे पर्दे के बड़े सितारे हैं और सोशल मीडिया पर उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है — इंस्टाग्राम पर उन्हें 8.2 मिलियन से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। लेकिन इस सफलता के पीछे की कहानी बेहद संघर्षों से भरी रही है।

एक समय ऐसा भी था जब अर्जुन को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ा। सिर्फ 19 साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता को खो दिया, और उसी रात उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से बिगड़ गई। हालात इतने खराब हो गए कि उन्हें अपना 2BHK घर, कारें, यहां तक कि अपनी मां के गहने तक बेचने पड़े। उस वक्त अर्जुन अपनी मां और भाई के साथ मुंबई के मलाड इलाके में एक छोटे से किराए के घर में रहने लगे थे। ऑडिशन देने के लिए उन्हें ट्रेन से सफर करना पड़ता था, और इसके लिए वो मां से सिर्फ 100 रुपये लेकर निकलते थे। कभी कार से घूमने वाला लड़का, अब सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष की राह पर निकल चुका था।

2004 में शुरु हुआ करियर 

फिर शुरू हुआ अर्जुन का असली सफर — 2004 में शो ‘रीमिक्स’ से उन्हें पहला बड़ा मौका मिला। इस शो ने न सिर्फ उनके करियर की नींव रखी बल्कि कैमरे के सामने उनकी आत्मविश्वास को भी बढ़ाया। इसके बाद अर्जुन ने ‘लेफ्ट राइट लेफ्ट’, ‘मिले जब हम तुम’, ‘मोहे रंग दे’, ‘तेरी मेरी लव स्टोरी’, ‘काली’ जैसे कई मशहूर सीरियल्स में दमदार अभिनय किया। डेढ़ दशक से ज्यादा के करियर में उन्होंने अब तक 32 से अधिक टीवी शो और रियलिटी प्रोग्राम्स में काम किया है।

ट्रॉफी जीत करियर को दी नई ऊंचाई

अब अर्जुन बिजलानी ने ‘राइज़ एंड फॉल’ जीतकर अपनी मेहनत को एक नई ऊंचाई दी है। शो की ट्रॉफी के साथ उन्हें 28 लाख 10 हजार रुपये की इनामी राशि भी मिली है। आज अर्जुन न केवल टीवी इंडस्ट्री के सफल सितारों में गिने जाते हैं, बल्कि वे एक फिटनेस क्लब के मालिक भी हैं।

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मुश्किल दौर से निकलकर सफलता के शिखर तक पहुंचने की अर्जुन की कहानी हर उस इंसान के लिए प्रेरणा है, जो सपनों को साकार करने के लिए संघर्ष कर रहा है। आज अर्जुन बिजलानी सिर्फ एक एक्टर नहीं, बल्कि मेहनत और उम्मीद का दूसरा नाम बन चुके हैं।

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