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Birthday Special: छोटी उम्र में मेडल जीतने वाली कविता ने 45 भाषाओं में गाये अनगिनत गाने, जानें क्यों नाम बदल कर मिली इस सिंगर को अलग पहचान

Birthday Special : कविता कृष्णमूर्ति बॉलीवुड में एक जाना माना नाम हैं जो आज अपना 67वां जन्मदिन मना रही हैं। कविता कृष्णमूर्ति ने 9 साल की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था, लेकिन जिस गाने ने उनके करियर को ऊंचाइयां दी, वह था ‘मिस्टर इंडिया’ का ‘हवा हवाई’ गाना। कविता कृष्णमूर्ति ने बॉलीवुड से लेकर साउथ इंडस्ट्री में अपनी आवाज का जादू चलाया। ये एक ऐसी सिंगर हैं जिन्होंने 45 अलग-अलग भारतीय भाषाओं में गाने गाए हैं। आज उनके बर्थडे पर जानते हैं कुछ दिलचस्प किस्से…

कविता कृष्णमूर्ति का व्यक्तिगत परिचय

कविता कृष्णमूर्ति का जन्म 25 जनवरी 1958 को दिल्ली में हुआ था। वह एक तमिल परिवार से ताल्लुक रखती थीं। कविता जी के माता-पिता ने उनका नाम शारदा रखा था और उन्हें छोटी उम्र से ही संगीत से बहुत प्यार था। कविता कृष्णमूर्ति के इसी प्यार और मीठी आवाज को देख आंटी प्रतिमा भट्टाचार्य ने उन्हें रबींद्रनाथ संगीत में दाखिला दिलवा। उन्होंने क्लासिकल सिंगर बलराम पुरी से हिंदुस्तानी क्लासिकल म्यूजिक की ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी। कविता कृष्णमूर्ति की आवाज का जादू दिखने लगा था। कविता कृष्णमूर्ति जब कॉलेज में पढ़ रही थीं तो उन्हें एक बंगाली फिल्म में गाना गाने का मौका मिला। साल 1971 में उन्होंने ‘श्रीमान पृथ्वीराज’ में लता मंगेशकर के साथ गाना गाया

क्यों नाम बदल कर मिली पहचान

मशहूर संगीतकार मन्ना दा कविता कृष्णमूर्ति को अपनी बेटी की तरह मानते थे। सभी ट्रैवल कर देश-विदेश परफॉर्म करने जाते थे। कविता कृष्णमूर्ति ने एक बार बताया था कि हेमंत दा के रूप में उन्होंने एक बेहतरीन मेंटॉर पाया था। उनका नाम शारदा हुआ करता था और उन्होंने ही मेरी मां से कहा कि इसका नाम बदलिए, ये नाम इंडस्ट्री में नहीं चलेगा। मेरी सिस्टर का नाम नंदिता है, तो मां ने मेरा नाम कविता रख दिया।

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