Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: लोगों को अपनी कॉमेडी से हंसाने वाले मशहूर अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों अपनी निजी और कानूनी परेशानियों को लेकर चर्चा में हैं। चेक बाउंस से जुड़े पुराने मामले में अदालत के सख्त आदेश के बाद उन्हें तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा। सरेंडर से ठीक पहले उनका एक भावुक बयान सामने आया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकारियों के सामने पेश होने से पहले राजपाल यादव ने कहा, “सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। कोई रास्ता नहीं दिखता। यहां हम सब अकेले हैं, इस मुश्किल से मुझे खुद ही निकलना होगा।” उनके इन शब्दों से उनकी आर्थिक और मानसिक परेशानी साफ झलक रही थी।
दोस्तों और इंडस्ट्री पर भी कही बात
राजपाल यादव ने अपने बयान में यह भी कहा कि मुश्किल समय में कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया। उन्होंने इशारों-इशारों में फिल्म इंडस्ट्री के लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसा कोई दोस्त नहीं है जो उनकी मदद कर सके। उनका यह बयान सुनकर उनके फैंस भावुक हो गए और सोशल मीडिया पर कई लोग उनके समर्थन में बातें करने लगे।
क्या है पूरा मामला
यह विवाद कोई नया नहीं है। इसकी शुरुआत साल 2010 में हुई थी, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म “अता पता लापता” बनाने के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो पाई, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ और कर्ज चुकाना मुश्किल हो गया।
कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने कई चेक जारी किए, लेकिन वे बाउंस हो गए। इसके बाद मामला अदालत तक पहुंच गया और कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।
कोर्ट ने सुनाई थी सजा
साल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने Negotiable Instruments Act की धारा 138 के तहत राजपाल यादव और उनकी पत्नी को दोषी मानते हुए छह महीने की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्होंने इस फैसले को चुनौती दी और कई बार राहत की मांग की। मामला सालों तक चलता रहा और बकाया रकम बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
हालांकि राजपाल यादव ने कुछ भुगतान भी किया, जिसमें 2025 में 75 लाख रुपये जमा कराए गए थे। लेकिन बार-बार देरी होने के कारण अदालत ने सख्त रुख अपनाया।
कोर्ट ने नहीं दी और मोहलत
4 फरवरी 2026 को अदालत ने उनकी एक हफ्ते की अतिरिक्त मोहलत की मांग ठुकरा दी। कोर्ट ने साफ कहा कि लोकप्रियता के आधार पर किसी को राहत नहीं दी जा सकती। इसके बाद उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया गया।
फिलहाल यह समय राजपाल यादव के लिए बेहद कठिन साबित हो रहा है। कानूनी उलझनों और आर्थिक दबाव के बीच उनका भावुक बयान यह दिखाता है कि पर्दे के पीछे की जिंदगी कितनी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।








