पंजाबी सिंगर Sidhu Moosewala के नए गाने Barota को उनकी मृत्यु के करीब साढ़े तीन साल बाद रिलीज़ किया गया है। इस गाने ने लगातार सुर्खियाँ बटोरी हैं। यह गाना जैसे ही यूट्यूब पर आया, फैंस ने इसे जोरदार प्रतिक्रिया दी और ‘ट्रेंडिंग’ सूची में शामिल होते ही सोशल मीडिया पर चर्चा बढ़ गई।
‘बरोटा’ — रिलीज़ और शुरुआत
Barota को उनके आधिकारिक यूट्यूब व इंस्टाग्राम चैनल पर जारी किया गया है। गाने के रिलीज होते ही यह ट्रेंडिंग में आ गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, रिलीज के शुरुआती मिनटों में ही लाखों दर्शकों ने इसे देखा, लाइक व कमेंट किए। यह गाना उनके परिवार द्वारा मृत्यु के बाद जारी किए गए गानों की सूची में 12वाँ गाना बन गया है।
भावुक पल — दादी का हुआ जिक्र
‘बरोटा’ के बोलों में एक खास बात सामने आई है: इस बार सिद्धू मूसेवाला ने पहली बार अपनी दादी — जसवंत कौर का नाम लिया है। गीत में उन्होंने भावुक अंदाज़ में लिखा है कि “जसवंत कौर के पोते जैसा आस-पास कोई लाल पैदा नहीं हुआ था”। यह जिक्र फैंस के लिए बेहद खास रहा, क्योंकि इससे सिद्धू की निजी ज़िंदगी और जड़ों की मजबूती सामने आई।
उनकी दादी जसवंत कौर ही थीं, जिन्होंने उन्हें बचपन में उनके बाल लंबे रखने का सुझाव दिया था — जो बाद में उनकी पहचान का हिस्सा बन गया।
संगीत, वीडियो और फैंस की प्रतिक्रिया
वीडियो में कुछ प्रतीकात्मक दृश्य देखने को मिले — जैसे बरगद के पेड़ पर लटकी बंदूकें — जो उनके पहले के गानों की पहचान रही हैं। फैंस ने गाने की तीव्र प्रतिक्रिया दी है। कई लोगों ने कमेंट्स में अपने प्यार व श्रद्धा ज़ाहिर की — एक यूज़र ने लिखा: “A champion is one who is remembered, a legend is one who is never forgotten.” आलोचकों की ओर से भी चर्चा है कि इस गाने से उनकी संगीत विरासत को जीवित रखा जा रहा है, और फैनबेस को वह वही पुरानी आवाज़ सुनने को मिल रही है।
Barota न सिर्फ़ एक गाना है, बल्कि फैंस के लिए भावनात्मक जुड़ाव का माध्यम भी बन गया है। अपने पुराने रिकॉर्ड किए गए गानों के माध्यम से Sidhu Moosewala आज भी अपने चाहने वालों के दिलों में जिन्दा हैं। दादी के ज़िक्र जैसे व्यक्तिगत पहलू ने गाने को और भी खास बना दिया है।
