Extortion Gang Busted in Ghaziabad: दिल्ली से सटे गाजियाबाद में पुलिस ने एक बड़े रंगदारी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस कमिश्नरेट की स्वॉट टीम और इंदिरापुरम थाना पुलिस ने मिलकर इस गैंग को पकड़ा। इस मामले में एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग एक बिल्डर से 10 करोड़ रुपये की मांग कर रहे थे।
परिवार को खत्म करने की धमकी
शिकायतकर्ता अर्पित गुप्ता, जो नोएडा में प्रॉपर्टी का काम करते हैं, उन्होंने 11 अप्रैल 2026 को पुलिस में शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि उन्हें व्हाट्सऐप कॉल और मैसेज के जरिए धमकियां मिल रही थीं। पैसे नहीं देने पर उनके बच्चों और परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी।
पहचान वालों ने ही रची साजिश
जांच में सामने आया कि इस साजिश के पीछे कोई बाहरी गैंग नहीं, बल्कि अर्पित के जान-पहचान वाले लोग ही थे। मुख्य आरोपी रविंद्र उर्फ रोबिन पिछले तीन साल से अर्पित के साथ काम कर चुका था। उसी ने अपनी दोस्त सविता उर्फ सवी चौधरी को अर्पित के ऑफिस में नौकरी दिलवाई थी।
नौकरी से निकाले जाने के बाद बना प्लान
करीब 10 दिन पहले अर्पित ने सवी को नौकरी से निकाल दिया था। इसके बाद सवी ने रोबिन को बताया कि अर्पित इन दिनों काफी पैसा कमा रहा है। इसी लालच में रोबिन, सवी और उसके मौसेरे भाई तुषार बैसौया ने मिलकर रंगदारी मांगने की योजना बनाई।
पुलिस से बचने के लिए अपनाए तरीके
आरोपियों ने अपनी पहचान छुपाने के लिए दूसरे के नाम पर सिम कार्ड लिया और एक पुराना रेडमी फोन खरीदा। वे हर बार अलग-अलग जगह से कॉल करते थे, ताकि पुलिस उनकी लोकेशन ट्रैक न कर सके। रोबिन को अर्पित के परिवार की पूरी जानकारी थी, जिसका इस्तेमाल उसने डराने के लिए किया।
फर्जी गैंग का नाम लेकर डराया
आरोपियों ने खुद को कुख्यात सुंदर भाटी Extortion Gang Busted in Ghaziabadगैंग का सदस्य बताकर डर फैलाया। हालांकि जांच में सामने आया कि इस गैंग का इस मामले से कोई सीधा संबंध नहीं है। पुलिस अब इस एंगल की भी जांच कर रही है।
गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को वेव सिटी इलाके से गिरफ्तार किया। उनके पास से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और चार अन्य फोन भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने क्या कहा
डीसीपी सिटी जोन धवल जायसवाल ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर स्वॉट टीम और क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी गई थी। टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस सराहनीय काम के लिए टीम को 50 हजार रुपये का इनाम भी दिया जाएगा।
