गाजियाबाद के लोनी में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में 28 वर्षीय महिला की जान चली गई। मंजू अपनी बेटी को स्कूल से लेने के लिए पैदल घर से निकली थीं, लेकिन रास्ते में तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें कुचल दिया। हादसा दिल्ली-सहारनपुर रोड पर अगरोला गेट के पास हुआ। डंपर का पहिया महिला के ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद चालक डंपर छोड़कर फरार हो गया। मां की मौत से अनजान घर पर मौजूद उनकी दोनों छोटी बेटियां उनके लौटने का इंतजार करती रहीं।
स्कूल जाते समय हादसा
यह घटना ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र के पंचलोक गांव के पास हुई। गांव में रहने वाले अनिल मजदूरी करते हैं। परिवार में उनकी 28 वर्षीय पत्नी मंजू और दो बेटियां पांच साल की दिव्या तथा तीन साल की दिशा हैं। बड़ी बेटी गांव से कुछ दूरी पर स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ती है।
शनिवार सुबह करीब 11 बजे मंजू अपनी बेटी को स्कूल से लेने के लिए पैदल निकली थीं। वह पंचलोक गांव से कुछ दूर दिल्ली-सहारनपुर रोड पर अगरोला गेट के पास पहुंचीं। इसी दौरान बागपत की तरफ से पीछे आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
डंपर चालक मौके से फरार
हादसा इतना भीषण था कि डंपर का पहिया मंजू के ऊपर से गुजर गया। वह सड़क पर कुछ दूरी तक घिसटती चली गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद चालक डंपर को वहीं छोड़कर फरार हो गया।
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस और मंजू के परिजनों को सूचना दी। कुछ ही देर में परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। महिला की मौत से गुस्साए लोगों ने चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान कुछ महिलाएं डंपर के सामने सड़क पर लेट गईं।
डेढ़ घंटे तक सड़क जाम
जाम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद सहायक पुलिस आयुक्त अमरदीप मौर्य समेत लोनी और अंकुर विहार थानों की पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची।
पुलिस अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों को कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुलवाया जा सका। इस दौरान दिल्ली-सहारनपुर रोड पर करीब 500 मीटर तक वाहनों की कतार लग गई। राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
तेज रफ्तार पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दिल्ली-सहारनपुर रोड पर डंपर और दूसरे भारी वाहन तेज रफ्तार से चलते हैं। इससे पहले भी इस मार्ग पर कई हादसे हो चुके हैं। लोगों ने पुलिस और प्रशासन से तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने, स्पीड ब्रेकर बनवाने और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
सहायक पुलिस आयुक्त अमरदीप मौर्य के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि वाहन को ओवरटेक करते समय तेज रफ्तार डंपर ने महिला को कुचल दिया। पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका के पति की शिकायत पर अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। फरार चालक की तलाश की जा रही है।
मां का इंतजार करती बेटियां
इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मंजू की दोनों बेटियां अभी बहुत छोटी हैं। घर पर मौजूद महिलाओं ने बताया कि मंजू अपनी बेटियों को पढ़ा-लिखाकर अधिकारी बनाना चाहती थीं। वह उनके अच्छे भविष्य के सपने देखती थीं, लेकिन इस हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं।
घर में महिलाओं को रोते-बिलखते देखकर दोनों बच्चियां गुमसुम बैठी रहीं। उन्हें मां के साथ हुए हादसे की जानकारी नहीं थी। तीन साल की छोटी बेटी लोगों से बार-बार अपनी मां के बारे में पूछ रही थी। दोनों बहनें घर के दरवाजे की तरफ देखती रहीं कि मां वापस आएगी। परिवार की महिलाएं किसी तरह उन्हें संभालने की कोशिश करती रहीं।

