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Ghaziabad में विकास का नया अध्याय: GDA का मास्टर प्लान तैयार, जोन अब सेक्टरों में होंगे विभाजित

Ghaziabad

Ghaziabad Master Plan: गाजियाबाद में अब विकास की रफ्तार को नई दिशा मिलने वाली है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने शहर को सुनियोजित और सुविधाजनक बनाने के लिए मास्टर प्लान तैयार कर लिया है, जिसमें जोन प्रणाली को सेक्टरों में बांटने का निर्णय लिया गया है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत जोन-1 को चार सेक्टरों में बांटा जाएगा, जिससे निगरानी, सफाई, स्ट्रीट लाइट, कूड़ा प्रबंधन और अवैध निर्माण पर लगाम जैसे कार्यों को बेहतर ढंग से अंजाम दिया जा सकेगा। इस प्रयोग के सफल रहने पर इसे अन्य सात जोनों में भी लागू किया जाएगा। GDA उपाध्यक्ष अतुल वत्स के अनुसार यह योजना गाजियाबाद के भविष्य को आकार देने वाली ऐतिहासिक पहल साबित हो सकती है।

जोन अब सेक्टरों में, हर क्षेत्र पर कड़ी नजर

Ghaziabad विकास प्राधिकरण ने जोन प्रणाली को सेक्टरों में विभाजित करने की योजना बनाई है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जोन-1 को चार सेक्टरों में बांटा जा रहा है, जिनमें राजनगर एक्सटेंशन, नंदग्राम और आसपास के गांव शामिल हैं। इसका उद्देश्य प्रत्येक सेक्टर में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना और विकास कार्यों को पारदर्शी बनाना है। हर सेक्टर में विशेष रूप से टीम तैनात होगी जो क्षेत्रीय सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी। अवैध निर्माण की पहचान और उस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

सुपरवाइजर से लेकर वरिष्ठ अधिकारी तक निगरानी

हर सेक्टर में एक सुपरवाइजर नियुक्त किया जाएगा जो प्रतिदिन क्षेत्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेगा। इन रिपोर्टों की समीक्षा जूनियर और असिस्टेंट इंजीनियर करेंगे, जबकि वरिष्ठ अधिकारी औचक निरीक्षण कर क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करेंगे। इससे न केवल जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि लोगों को बुनियादी सुविधाएं समय पर और नियंत्रित तरीके से मिल सकेंगी। साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट और कूड़ा प्रबंधन जैसी सेवाएं बेहतर होंगी।

अतुल वत्स बोले – गाजियाबाद बनेगा मॉडल सिटी

GDA उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि गाजियाबाद के समग्र विकास के लिए जोन-1 में यह नया प्रयोग शुरू किया गया है। यदि यह सफल होता है, तो अन्य जोनों में भी लागू किया जाएगा। वत्स के मुताबिक, यह प्रणाली गाजियाबाद को एक मॉडल सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है। नियोजित विकास, पारदर्शिता और तकनीकी निगरानी इस योजना की विशेषताएं होंगी।

Ghaziabad को मिल सकती है ऐतिहासिक पहचान

इस पहल को गाजियाबाद के शहरी विकास के इतिहास में एक ऐतिहासिक निर्णय माना जा रहा है। मास्टर प्लान के तहत सेक्टरों में बंटवारे से जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण होगा और प्रत्येक सेक्टर पर निगरानी बढ़ेगी। शहरवासियों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी और जीडीए की कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनेगी। इस प्रयास से गाजियाबाद का कायाकल्प तय माना जा रहा है।

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