Ghaziabad Master Plan 2031 Boosts Investment & Real Estate: प्राधिकरण ने महायोजना 2031 लागू कर दी है, जिससे आने वाले वर्षों में शहर का चेहरा पूरी तरह बदलने की तैयारी है। 66 लाख की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखते हुए बनाई गई इस योजना में नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास, रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स और रोजगार सृजन पर जोर दिया गया है।
4200 हेक्टेयर भूमि पर विकास
महायोजना के तहत एक्सप्रेसवे के किनारे नए औद्योगिक क्षेत्र बसेंगे। साथ ही 4200 हेक्टेयर भूमि पर विकास कार्य किया जाएगा। इसमें दो ट्रांसपोर्ट नगर, दो लॉजिस्टिक पार्क और चार ट्रक पार्किंग क्षेत्र शामिल हैं। इन योजनाओं के लागू होने से न केवल ट्रैफिक प्रबंधन आसान होगा बल्कि लाजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा।
टीओडी नीति से नए अवसर
महायोजना में ट्रांजिट ओरिएंटेड डवलपमेंट (टीओडी) नीति को विशेष महत्व दिया गया है। इसके अंतर्गत नमो भारत ट्रेन और मेट्रो कॉरिडोर के आसपास सुलभ आवास, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और मनोरंजन की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके लिए एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) को 1.5 से बढ़ाकर 5.0 कर दिया गया है। इसका सीधा फायदा रियल एस्टेट सेक्टर और डवलपर्स को मिलेगा, जो हाई-राइज बिल्डिंग और मिक्स्ड यूज़ प्रोजेक्ट आसानी से बना पाएंगे।
रियल एस्टेट में आएगी रफ्तार
महायोजना 2031 के लागू होने से गाजियाबाद रियल एस्टेट का बड़ा हब बनकर उभरेगा। अब 24 मीटर चौड़ी सड़कों से लगे भूखंडों पर नीचे दुकान और ऊपर भवन बनाने की अनुमति होगी। इससे वाणिज्यिक और आवासीय प्रोजेक्ट्स में तेजी आएगी। हाई-राइज बिल्डिंग और सुलभ आवास योजनाएं गाजियाबाद को दिल्ली-एनसीआर का नया हॉट स्पॉट बना देंगी।
रोजगार और निवेश को बढ़ावा
नई योजना से रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे। औद्योगिक क्षेत्रों, लॉजिस्टिक पार्कों और ट्रांसपोर्ट नगरों में नए उद्योग लगने से युवाओं को रोज़गार मिलेगा। इससे न केवल स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा, बल्कि गाजियाबाद निवेशकों और उद्योगपतियों का केंद्र भी बनेगा।
गाजियाबाद का भविष्य
विशेषज्ञों का मानना है कि गाजियाबाद पहले से ही एक औद्योगिक नगरी के रूप में पहचान बना चुका है। अब नमो भारत ट्रेन, मेट्रो प्रोजेक्ट्स और महायोजना 2031 के तहत आने वाले विकास कार्यों से यह शहर उत्तर प्रदेश का प्रमुख निवेश और रियल एस्टेट हब बन जाएगा।