Ghaziabad Suicide Case New Revelation:गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों निशिका, प्राची और पाखी की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पहले कहा जा रहा था कि किसी कोरियन गेम के टास्क की वजह से उन्होंने यह कदम उठाया। लेकिन अब पुलिस को उनके कमरे से मिली एक डायरी ने पूरे मामले की दिशा बदल दी है। डायरी में लिखी बातों के बाद पुलिस ने साफ कर दिया है कि यह घटना किसी ऑनलाइन गेम से जुड़ी नहीं है।
गेम वाली थ्योरी खारिज
पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें किसी गेम के टास्क में शामिल नहीं थीं। अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन गेम को लेकर फैली बातें सही नहीं हैं। शुरुआती जांच में गेम का शक था, लेकिन अब डायरी और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने यह थ्योरी पूरी तरह खारिज कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आत्महत्या की वजह कोई खतरनाक गेम नहीं बल्कि दूसरी परिस्थितियां थीं।
कोरियन कंटेंट का गहरा असर
कमरे से मिली डायरी में बहनों ने लिखा था कि वे कोरियन कल्चर से बहुत प्रभावित थीं। उन्हें K-POP, कोरियन फिल्में, सीरीज, म्यूजिक और शो बेहद पसंद थे। डायरी में उन्होंने लिखा कि कोरियन कंटेंट उनका एडिक्शन बन चुका था। वे हर समय इसी दुनिया में रहना चाहती थीं और उससे दूरी उन्हें बर्दाश्त नहीं हो रही थी।
मोबाइल छिनने से बढ़ी परेशानी
डायरी में यह भी लिखा मिला कि परिवार ने उनका मोबाइल फोन ले लिया था। मोबाइल बंद होने के बाद वे बेहद परेशान थीं। पुलिस के मुताबिक, परिजनों ने बच्चों का मोबाइल इस्तेमाल रोक दिया था और वापस देने से मना कर दिया था। माना जा रहा है कि इसी बात से तीनों बहनें अंदर ही अंदर टूट गई थीं।
डायरी में लिखी भावुक बातें
पुलिस को आठ पन्नों की डायरी मिली है। उसमें अंग्रेजी में लिखा है। “We Love Korean Culture” इसके साथ उन्होंने अपनी पसंद और भावनाएं भी लिखी थीं। डायरी से साफ होता है कि तीनों बहनें कोरियन कंटेंट से गहराई से जुड़ चुकी थीं और उससे दूर होना उनके लिए मुश्किल हो रहा था।
स्कूल और आर्थिक हालात भी कारण
जांच में यह भी सामने आया है कि कोरोना काल के बाद से तीनों बहनें स्कूल नहीं जा रही थीं। पढ़ाई में भी उनका मन नहीं लगता था। परिवार की आर्थिक हालत भी कमजोर थी, जिससे घर का माहौल तनावपूर्ण रहता था। पुलिस का मानना है कि मोबाइल बंद होना, कोरियन कंटेंट से दूरी और पारिवारिक हालात—इन सबने मिलकर बच्चियों को मानसिक रूप से कमजोर कर दिया।
जांच जारी, पुलिस की अपील
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर भरोसा न करें। यह घटना समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि बच्चों की मानसिक स्थिति और उनकी पसंद-नापसंद को समझना बेहद जरूरी है।
