सपना होगा सच: गाजियाबाद में मात्र कुछ लाख में अपना प्लॉट, सिदार्थ विहार में मची होड़!

गाजियाबाद का सिद्धार्थ विहार अब 'न्यू इंदिरापुरम' के रूप में विकसित होगा। आवास विकास परिषद जल्द ही 170 आवासीय प्लॉटों की स्कीम ला रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी के लिए 4-लेन पुल और एलिवेटेड रोड से जुड़ाव के साथ यह निवेश का बेहतरीन मौका है।

Siddharth Vihar Ghaziabad

Siddharth Vihar Ghaziabad: गाजियाबाद के रियल एस्टेट बाजार में सिद्धार्थ विहार एक नए ‘हॉटस्पॉट’ के रूप में उभर रहा है। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद इस क्षेत्र को ‘न्यू इंदिरापुरम’ की तर्ज पर विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रहा है। हालिया अपडेट के अनुसार, यहां मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए सेक्टर-10 और सेक्टर-5 में लगभग 170 आवासीय भूखंड (Plots) आवंटित किए जाएंगे, जिनकी पंजीकरण प्रक्रिया फरवरी के पहले सप्ताह में शुरू होने की संभावना है। बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए हिंडन बैराज के समानांतर 4-लेन का नया पुल और एलिवेटेड रोड से सीधी कनेक्टिविटी भी प्रस्तावित है। यह विकास न केवल आवासीय बल्कि व्यावसायिक दृष्टिकोण से भी सिद्धार्थ विहार की तस्वीर बदलने वाला साबित होगा।

प्रमुख विकास और आगामी योजनाएं

Siddharth Vihar योजना को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए आवास विकास परिषद ने कई बड़े कदम उठाए हैं:

  • आवासीय प्लॉट आवंटन: सेक्टर-5 और सेक्टर-10 में कुल 170 प्लॉटों की योजना है। इनमें मुख्य रूप से 72 वर्ग मीटर और 112.50 वर्ग मीटर के प्लॉट शामिल हैं, जो मध्यम वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं।

  • बेहतर कनेक्टिविटी: यातायात को सुगम बनाने के लिए हिंडन बैराज के बगल में 4-लेन के पुल का निर्माण किया जाएगा। इस पुल की एक ‘लीफ’ सीधे एलिवेटेड रोड से जोड़ी जाएगी, जिससे दिल्ली और नोएडा आने-जाने वालों का समय बचेगा।

  • ग्रुप हाउसिंग और कमर्शियल हब: सेक्टर-7 में चार-चार हजार वर्ग मीटर के पांच ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट लाने का प्रस्ताव है। वहीं, सेक्टर-10 में एक बड़ी मार्केट विकसित की जाएगी, जिसमें करीब 50 कमर्शियल प्लॉट (400 से 500 वर्ग मीटर) काटे जाएंगे।

  • सुविधाएं: योजना के भीतर स्कूल और अस्पताल के लिए भी अलग से जमीन आरक्षित की गई है, ताकि निवासियों को सभी जरूरी सेवाएं पास में ही मिल सकें।

निवेशकों और खरीदारों के लिए क्यों है खास?

Siddharth Vihar की लोकेशन इसे खास बनाती है। यह NH-9 (दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे) से बिल्कुल सटा हुआ है। अधिकारियों का मानना है कि प्लॉटों की कीमतों को फरवरी के पहले हफ्ते तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा। रेरा (RERA) से मंजूरी मिलने के बाद अब केवल मुख्यालय से तारीखों के ऐलान का इंतजार है। संपत्ति प्रभारी पीएस रावत के अनुसार, इस योजना को लेकर लोगों में काफी उत्साह है और रोजाना बड़ी संख्या में लोग पूछताछ के लिए पहुंच रहे हैं।

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