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पशु तस्कर या कुख्यात कातिल? NEET छात्र की हत्या का आरोपी जुबेर एनकाउंटर में ढेर

Gorakhpur STF Encounter

Gorakhpur STF Encounter : गोरखपुर में NEET छात्र दीपक गुप्ता की निर्मम हत्या के मुख्य आरोपी और कुख्यात पशु तस्कर जुबेर को STF ने शुक्रवार रात एक मुठभेड़ में मार गिराया। रामपुर जिले के थाना गंज क्षेत्र के रहने वाले जुबेर पर गोरखपुर के एडीजी ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। आरोपी पर 18 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे, जिनमें रामपुर, गोरखपुर, गोंडा और बलरामपुर जिलों में गंभीर धाराएं शामिल थीं।

कैसे हुआ एनकाउंटर?

STF को खुफिया सूचना मिली थी कि फरार चल रहा जुबेर रामपुर में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर शुक्रवार देर रात चाकू चौक से मंडी की ओर जाने वाले रास्ते पर पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देख जुबेर ने STF टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें एक दरोगा और एक सिपाही घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें जुबेर को गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जुबेर का आपराधिक इतिहास

रामपुर के घेर मर्दान खां इलाके का निवासी जुबेर लंबे समय से पुलिस और STF की हिट लिस्ट में शामिल था। उस पर पशु तस्करी, अवैध हथियार, और हत्या जैसे संगीन आरोप थे। दीपक गुप्ता हत्याकांड का वह मुख्य आरोपी था और वारदात के बाद से फरार चल रहा था। 15 सितंबर को गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र के मऊआचापी गांव में 10–12 पशु तस्कर दो पिकअप गाड़ियों में आए थे। गांव में मौजूद दुर्गेश गुप्ता की फर्नीचर की दुकान का ताला तोड़ने की कोशिश के दौरान दुकान की ऊपरी मंजिल पर सो रहा उसका भांजा जाग गया और दीपक को सूचना दी।

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NEET की तैयारी कर रहे दीपक गुप्ता ने स्कूटी से मौके पर पहुंचकर तस्करों का पीछा किया, लेकिन रास्ते में उसकी स्कूटी फिसल गई। पशु तस्करों ने उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया और कुछ किलोमीटर दूर ले जाकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। बाद में ग्रामीणों को उसका शव खेत में पड़ा मिला। घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम, पथराव और एक पिकअप गाड़ी में आगजनी कर दी थी। इस मामले में एक आरोपी की भीड़ ने पकड़कर पिटाई कर दी थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

अब तक की कार्रवाई

हत्याकांड के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कुशीनगर में दो तस्करों को एनकाउंटर में गिरफ्तार किया था और दो अन्य को भी हिरासत में लिया गया था। मुख्य आरोपी जुबेर की मौत के बाद अब पुलिस एक और फरार तस्कर की तलाश में है। जुबेर के एनकाउंटर के साथ ही उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 से अब तक कुल 249 अपराधियों का एनकाउंटर हो चुका है। योगी सरकार की अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत पुलिस और STF लगातार दबिश दे रही है।

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