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Gorakhpur RRB Recruitment : RRB रेलवे भर्ती के चेयरमैन पर गिरी गाज, फर्जी तरह से नौकरी देने का आरोप, जाने क्या है पूरा मामला ?

Gorakhpur RRB Recruitment

Gorakhpur RRB Recruitment : उत्तर प्रदेश के रेलवे भर्ती बोर्ड गोरखपुर में भर्ती प्रक्रिया को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं। आरआरबी के चेयरमैन ने बिना किसी टेस्ट के अपने दो कर्मचारियों के बेटों को रायबरेली की मॉडर्न रेल कोच फैक्ट्री में फिटर के पद पर नियुक्त कर दिया था। जब इस मामले की शिकायत रेलवे बोर्ड, दिल्ली से की गई, तो जांच में यह सत्य सामने आया। इसके बाद आरआरबी के अध्यक्ष नूरुद्दीन अंसारी को उनके पद से हटा दिया गया है।

पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य कार्मिक अधिकारी अवधेश कुमार को अब इस पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। स्थायी तैनाती तक वे आरआरबी गोरखपुर के अध्यक्ष का कार्यभार संभालेंगे। जानकारी के अनुसार, 26 अप्रैल 2024 को जारी पैनल में कर्मचारियों ने अपने साथी रेलकर्मी के दो बेटों को भी शामिल कर लिया। इस पैनल में कुल सात अभ्यर्थी थे, लेकिन बाद में दो और चहेतों को जोड़कर पैनल की लिस्ट में नौ नाम जारी कर दिए गए।

बिना जानकारी के बना दिया फिटर

पैनल केवल रेलवे भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष के हस्ताक्षर से ही जारी होता है। इस पैनल में जिन कर्मचारियों के बेटों की नियुक्ति की गई, उन्हें चेयरमैन का खास सहयोगी माना जाता है। पैनल के क्रमांक छह पर निजी सचिव (द्वितीय) राम सजीवन के बेटे सौरभ कुमार और सातवें नंबर पर कार्यालय अधीक्षक चंद्रशेखर आर्य के बेटे राहुल प्रताप का नाम शामिल किया गया था। इन दोनों ने न तो परीक्षा फॉर्म भरा था और न ही कोई मेडिकल टेस्ट दिया था। इसके बावजूद, उन्हें 8 जून 2024 को मॉडर्न कोच फैक्ट्री रायबरेली में फिटर के पद पर नियुक्त कर दिया गया।

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बोर्ड डायरेक्टर ने बंद कराई फिटर सेवाएं 

इस मामले की शिकायत किसी अंदरूनी व्यक्ति ने रेलवे बोर्ड नई दिल्ली से की, जिसके बाद जांच शुरू की गई और सच्चाई सामने आई। रेलवे प्रशासन ने फर्जी तरीके से नियुक्त किए गए दोनों फिटर की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। कार्यालय अधीक्षक चंद्रशेखर आर्य 30 अप्रैल को रिटायर हो चुके हैं, जबकि राम सजीवन गोरखपुर स्थित सिग्नल और दूरसंचार विभाग में अभी भी कार्यरत हैं।

इस मामले के उजागर होने के बाद उनके खिलाफ खराब आचरण का आरोप लगाते हुए उन्हें नई तैनाती दी गई है। आरआरबी गोरखपुर के चेयरमैन के निलंबन और पद से हटाने के बाद रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर (इस्टैब्लिशमेंट) रवींद्र पांडेय ने सीपीओ अवधेश कुमार को आरआरबी का अतिरिक्त प्रभार सौंपते हुए नई नियुक्ति तक दायित्व संभालने का निर्देश दिया है।

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