Health Alert:दिल से जुड़ी बीमारियां आज भी दुनिया भर में मौत की सबसे बड़ी वजह बनी हुई हैं। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि यह बीमारी धीरे-धीरे विकसित होती है और शुरुआती दौर में इसके स्पष्ट लक्षण सामने नहीं आते। ऐसे में डॉक्टर लगातार ऐसे तरीकों की तलाश में रहते हैं, जिनसे समय रहते जोखिम का पता लगाया जा सके। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इस दिशा में नई उम्मीद बनकर सामने आया है।
AI ने खोला दिल की बीमारी पहचानने का नया रास्ता
अमेरिका की प्रतिष्ठित संस्था Mayo Clinic के शोधकर्ताओं ने एक नई तकनीक विकसित की है, जिसकी मदद से दिल की बीमारी के खतरे का पहले से अनुमान लगाया जा सकता है। इस अध्ययन को American College of Cardiology Scientific Session 2026 में प्रस्तुत किया गया और American Journal of Preventive Cardiology में प्रकाशित किया गया।
दिल के आसपास की चर्बी बनी बड़ा संकेत
अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों के दिल के आसपास अधिक मात्रा में पेरिकार्डियल फैट मौजूद था, उनमें भविष्य में हृदय रोग होने का खतरा ज्यादा था। खास बात यह रही कि यह जोखिम उम्र, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज जैसे पारंपरिक जोखिम कारकों से अलग भी सामने आया।
डॉक्टरों के लिए फैसला लेना होगा आसान
नई तकनीक की मदद से डॉक्टर यह बेहतर तरीके से तय कर सकेंगे कि किस मरीज को तुरंत अतिरिक्त देखभाल या इलाज की जरूरत है और किसे सामान्य निगरानी में रखा जा सकता है। खासतौर पर ऐसे मरीजों के लिए यह तकनीक ज्यादा उपयोगी साबित हो सकती है, जिनमें जोखिम का स्तर स्पष्ट नहीं होता।
बिना अतिरिक्त टेस्ट के मिलेगा बड़ा फायदा
इस तकनीक की सबसे खास बात यह है कि इसके लिए किसी अतिरिक्त टेस्ट की जरूरत नहीं पड़ती। जो स्कैन पहले से किया जा रहा है, उसी डेटा को AI की मदद से बेहतर तरीके से विश्लेषित किया जा सकता है। इससे यह तरीका आसान, किफायती और बड़े स्तर पर लागू करने योग्य बन जाता है।
भविष्य में बदल सकती है इलाज की दिशा
हालांकि इस तकनीक पर अभी और शोध की जरूरत है, लेकिन शुरुआती परिणाम काफी उत्साहजनक माने जा रहे हैं। आने वाले समय में AI आधारित ऐसे टूल्स दिल की बीमारी के खतरे को पहले ही पहचानने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
