Blood Pressure Check: आजकल हाई ब्लड प्रेशर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसी वजह से कई लोग घर पर ही डिजिटल बीपी मॉनिटर से नियमित रूप से ब्लड प्रेशर चेक करते हैं। लेकिन अगर बीपी मशीन का कफ सही तरीके से न लगाया जाए या जांच के दौरान कुछ सामान्य गलतियां हो जाएं, तो रीडिंग वास्तविक ब्लड प्रेशर से कम या ज्यादा आ सकती है। ऐसे में गलत रीडिंग के आधार पर स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेना नुकसानदायक हो सकता है।
कफ लगाने का सही तरीका क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार, बीपी मॉनिटर का कफ इस तरह बांधें कि उसका मध्य भाग हृदय के स्तर (हार्ट लेवल) पर रहे। कफ पर बना आर्टरी एरो बांह के अंदरूनी हिस्से की ओर होना चाहिए। कफ का निचला किनारा कोहनी से लगभग 2.5 सेंटीमीटर (करीब दो अंगुल) ऊपर होना चाहिए। साथ ही कफ को सीधे बांह पर या पतले कपड़े के ऊपर लगाएं, मोटे कपड़ों पर नहीं।
इन गलतियों से बचें
बीपी मापते समय हाथ को ढीला रखें और उसे किसी टेबल पर हृदय की ऊंचाई के बराबर टिकाएं। इस दौरान बातें करने, हिलने-डुलने या मुट्ठी भींचने से बचें। पैर क्रॉस करके न बैठें और शरीर को पूरी तरह आराम की स्थिति में रखें।
एक बार नहीं, 2-3 बार लें रीडिंग
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पहली रीडिंग के आधार पर निष्कर्ष न निकालें। पहली जांच के बाद लगभग दो मिनट का अंतर रखें और दो या तीन बार बीपी मापें। इन सभी रीडिंग का औसत वास्तविक ब्लड प्रेशर के अधिक करीब माना जाता है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
बीपी मापने से कम से कम 30 मिनट पहले चाय, कॉफी, धूम्रपान या भारी भोजन से बचें। व्यायाम या किसी भारी शारीरिक गतिविधि के तुरंत बाद भी बीपी नहीं नापना चाहिए। यदि बार-बार असामान्य रीडिंग आए या चक्कर, सीने में दर्द या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण हों, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।
