Early Warning Signs: दिल की बीमारी दुनिया भर में मौत के प्रमुख कारणों में शामिल है। पहले हार्ट अटैक को अधिक उम्र से जुड़ी समस्या माना जाता था, लेकिन अब 30 से 45 वर्ष की उम्र के लोगों में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। हार्ट अटैक कई बार अचानक होता हुआ दिखाई देता है, लेकिन कुछ मामलों में शरीर इससे पहले चेतावनी के संकेत दे सकता है। परेशानी यह है कि लोग सीने में जलन, थकान, कमजोरी या सांस फूलने जैसी समस्याओं को गैस, तनाव या सामान्य कमजोरी मानकर टाल देते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, हर व्यक्ति में लक्षण एक जैसे नहीं होते। इसलिए शरीर में लगातार बनी रहने वाली किसी असामान्य परेशानी को नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
सीने का दर्द अहम
हार्ट अटैक का सबसे आम संकेत सीने में दर्द या दबाव माना जाता है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति को तेज दर्द ही महसूस हो। कुछ लोगों को सीने में भारीपन, जकड़न, दबाव या जलन जैसी अनुभूति हो सकती है। अगर यह परेशानी कुछ मिनट तक बनी रहे या बार-बार वापस आए, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। इसके अलावा बिना अधिक मेहनत के सांस फूलना भी दिल से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। कुछ लोगों में सांस लेने में परेशानी सीने में दर्द शुरू होने से पहले भी दिखाई दे सकती है। लगातार थकान, थोड़े काम के बाद कमजोरी और पहले की तुलना में जल्दी थक जाना भी चेतावनी का संकेत हो सकता है, खासकर महिलाओं में।
दर्द और पसीना
हृदय से जुड़ी परेशानी में दर्द केवल सीने तक सीमित नहीं रहता। यह बाएं हाथ या दोनों हाथों, कंधे, गर्दन, जबड़े और पीठ तक फैल सकता है। अगर बिना किसी स्पष्ट कारण के इस तरह का दर्द महसूस हो और वह दोबारा होता रहे, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। इसी तरह बिना गर्मी या शारीरिक मेहनत के अचानक ठंडा पसीना आना भी गंभीर संकेत हो सकता है। यदि ठंडे पसीने के साथ सीने में दबाव, दर्द या सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी जैसा महसूस होना भी हृदय की समस्या से जुड़ा हो सकता है, हालांकि इनके अन्य कारण भी संभव हैं।
गैस समझकर न टालें
हार्ट अटैक के कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जिन्हें लोग अक्सर गैस या एसिडिटी समझ लेते हैं। मतली, उल्टी जैसा महसूस होना, अपच या पेट के ऊपरी हिस्से में बेचैनी भी कुछ मरीजों में हृदय संबंधी समस्या का संकेत हो सकती है। यह लक्षण महिलाओं और बुजुर्गों में अलग तरीके से दिखाई दे सकते हैं। हार्ट डिजीज का जोखिम हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान या तंबाकू सेवन, मोटापे, कम शारीरिक गतिविधि, अत्यधिक तनाव और परिवार में हृदय रोग के इतिहास के कारण बढ़ सकता है। ऐसे लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए।
दिल को रखें स्वस्थ
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट तेज चाल से चलना या व्यायाम करना फायदेमंद हो सकता है। भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और कम वसा वाले संतुलित विकल्प शामिल करें। धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाएं और ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर तथा कोलेस्ट्रॉल की समय-समय पर जांच कराएं। पर्याप्त नींद लेना और तनाव कम करने के लिए योग या ध्यान जैसी तकनीकों को अपनाना भी मददगार हो सकता है। यदि सीने में तेज दर्द, सांस लेने में कठिनाई, हाथ या जबड़े तक फैलता दर्द, ठंडा पसीना, अचानक कमजोरी या बेहोशी जैसा महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। हार्ट अटैक में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। हालांकि, ये लक्षण केवल हार्ट अटैक के कारण ही नहीं होते, इसलिए स्वयं बीमारी का अनुमान लगाने के बजाय योग्य डॉक्टर से जांच और सलाह लेना सबसे सुरक्षित कदम है।
Writing: डिस्क्लेमर: यह स्वास्थ्य संबंधी जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। इसे चिकित्सकीय सलाह न मानें। किसी भी लक्षण पर योग्य डॉक्टर से परामर्श लें। News1 India इसकी सटीकता की जिम्मेदारी नहीं लेता
