High Cholesterol: खून में LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने पर धमनियों में प्लाक जमा हो सकता है। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहने पर रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है। हाई कोलेस्ट्रॉल अक्सर शुरुआत में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं देता, इसलिए समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल की जांच जरूरी है।
अनहेल्दी डाइट, ज्यादा सैचुरेटेड फैट, शारीरिक गतिविधि की कमी, अधिक वजन, धूम्रपान और आनुवंशिक कारण कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं।
लौकी को डाइट में करें शामिल
स्वामी रामदेव द्वारा बताए गए उपायों में लौकी का सेवन भी शामिल है। लौकी की सब्जी को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, केवल लौकी का जूस पीने से हाई कोलेस्ट्रॉल ठीक होने का दावा नहीं किया जा सकता। रोजाना फल, सब्जियां, साबुत अनाज और फाइबर से भरपूर भोजन लेना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
लहसुन और ब्लैक गार्लिक
लहसुन का इस्तेमाल लंबे समय से पारंपरिक खानपान में किया जाता रहा है। कुछ अध्ययनों में लहसुन के सेवन और कोलेस्ट्रॉल में मामूली सुधार के बीच संबंध पाया गया है, लेकिन यह दवाओं का विकल्प नहीं है।
ब्लैक गार्लिक में एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। इसे भी संतुलित डाइट में शामिल किया जा सकता है, लेकिन इसके जरिए LDL को निश्चित रूप से कम करने का दावा उचित नहीं है।
अर्जुन की छाल और दालचीनी
अर्जुन की छाल और दालचीनी का इस्तेमाल आयुर्वेदिक और पारंपरिक चिकित्सा में किया जाता है। स्वामी रामदेव ने भी इनके काढ़े का सुझाव दिया है। हालांकि, हाई कोलेस्ट्रॉल के इलाज के लिए इनकी प्रभावशीलता को लेकर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। किसी भी हर्बल उत्पाद को नियमित दवा के साथ लेने से पहले चिकित्सक से बात करें।
गर्म पानी से नहीं होगा कोलेस्ट्रॉल का इलाज
गर्म पानी पीना शरीर में पानी की जरूरत पूरी करने का एक तरीका हो सकता है, लेकिन सिर्फ गर्म पानी पीने से LDL कोलेस्ट्रॉल कम होने का मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने के लिए नियमित व्यायाम, वजन पर नियंत्रण और कम सैचुरेटेड फैट वाली डाइट ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
दवा बंद करने से पहले डॉक्टर से लें सलाह
अगर किसी व्यक्ति का कोलेस्ट्रॉल काफी बढ़ा हुआ है या उसे पहले से हृदय रोग, डायबिटीज या अन्य जोखिम हैं, तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना सही नहीं है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार दवा और डाइट की सलाह दे सकते हैं। बिना चिकित्सकीय सलाह के निर्धारित कोलेस्ट्रॉल की दवा बंद न करें।
