Hemoglobin Level: हीमोग्लोबिन हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी प्रोटीन है। इसका मुख्य काम फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर शरीर के अलग-अलग हिस्सों, मांसपेशियों और अंगों तक पहुंचाना है। लेकिन जब खून में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य से ज्यादा हो जाता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
हीमोग्लोबिन का बढ़ना अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, लेकिन कई बार यह शरीर में चल रही किसी दूसरी समस्या का संकेत हो सकता है। कुछ मामलों में ज्यादा हीमोग्लोबिन की वजह शरीर में रेड ब्लड सेल्स का बढ़ना या खून में प्लाज्मा की मात्रा कम होना हो सकती है।
हीमोग्लोबिन की सामान्य रेंज कितनी है?
आमतौर पर पुरुषों में हीमोग्लोबिन करीब 13.8 से 17.2 g/dl, महिलाओं में 12.1 से 15.1 g/dl और बच्चों में करीब 11 से 16 g/dl तक सामान्य माना जाता है। हालांकि, सामान्य स्तर उम्र, लिंग और लैब के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है।
अगर रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन लगातार सामान्य सीमा से ऊपर आ रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
हीमोग्लोबिन बढ़ने के क्या कारण हो सकते हैं?
हीमोग्लोबिन बढ़ने का एक दुर्लभ कारण पॉलीसिथेमिया वेरा नाम की ब्लड संबंधी बीमारी हो सकती है। इसके अलावा कुछ दूसरी स्थितियां भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती हैं।
इनमें फेफड़ों की पुरानी बीमारी, गंभीर अस्थमा, स्लीप एपनिया, धूम्रपान और लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहना शामिल है। पहाड़ी इलाकों में रहने पर शरीर में ऑक्सीजन की कमी के कारण भी ज्यादा रेड ब्लड सेल्स बन सकते हैं।
गंभीर डिहाइड्रेशन, किडनी की कुछ बीमारियां या ट्यूमर और जन्म से जुड़ी कुछ हृदय संबंधी समस्याएं भी हीमोग्लोबिन बढ़ा सकती हैं। कार्बन मोनोऑक्साइड के ज्यादा संपर्क में रहने से भी इसका स्तर बढ़ सकता है।
हाई हीमोग्लोबिन के लक्षण क्या हैं?
कुछ लोगों में हीमोग्लोबिन बढ़ने पर सिरदर्द, चक्कर, कमजोरी, थकान, धुंधला दिखाई देना या सांस लेने में परेशानी हो सकती है। हाथ-पैर की त्वचा लाल दिखाई देना भी एक लक्षण हो सकता है।
इससे क्या खतरे हो सकते हैं?
बहुत ज्यादा हीमोग्लोबिन के कारण खून गाढ़ा हो सकता है, जिससे ब्लड क्लॉट बनने का खतरा बढ़ सकता है। इससे डीप वेन थ्रोम्बोसिस, स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्याओं का जोखिम हो सकता है। कुछ मामलों में ब्लड प्रेशर बढ़ने या शरीर के जरूरी अंगों तक खून का प्रवाह प्रभावित होने की समस्या भी हो सकती है।
बचाव के लिए क्या करें?
धूम्रपान से बचें और पर्याप्त पानी पीते रहें। लंबे समय तक लगातार बैठे रहने के बजाय बीच-बीच में चलते रहें। अपनी पुरानी बीमारियों का सही इलाज कराएं और बिना डॉक्टर की सलाह के आयरन सप्लीमेंट न लें।
अगर हीमोग्लोबिन बार-बार ज्यादा आ रहा है, लगातार सिरदर्द या चक्कर हो रहे हैं, सांस लेने में परेशानी है या ब्लड क्लॉट की समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से जांच जरूर कराएं।
