Turmeric Health Benefits: हल्दी सेहत के लिए कितनी फायदेमंद? कई वैज्ञानिक दावों पर रिसर्च ने उठाए सवाल

हल्दी भारतीय खान-पान और पारंपरिक उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। इसमें मौजूद करक्यूमिन को कई स्वास्थ्य लाभों से जोड़ा जाता है, लेकिन इंसानों पर हुए बड़े अध्ययनों में इसके प्रभावों के पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले हैं। विशेषज्ञ सामान्य भोजन में हल्दी के इस्तेमाल को ठीक मानते हैं, लेकिन महंगे सप्लीमेंट्स को लेकर सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।

Turmeric Health Benefits: हल्दी का इस्तेमाल दक्षिण एशिया के साथ एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के खान-पान में लंबे समय से होता रहा है। करीब 2,500 साल पुराने ग्रंथों में भी इसका उल्लेख मिलता है। भारत में हल्दी भोजन के अलावा पारंपरिक उपचार और शादी की हल्दी रस्म का भी हिस्सा है।

हाल के वर्षों में पश्चिमी देशों में भी हल्दी और खासकर इसमें मौजूद करक्यूमिन की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। इसे सूजन कम करने, जोड़ों और हड्डियों की सेहत सुधारने तथा इम्यून सिस्टम को मजबूत करने जैसे कई फायदों से जोड़ा जाता है।

करक्यूमिन पर क्या कहती है रिसर्च?

हल्दी के स्वास्थ्य लाभों को लेकर हुई वैज्ञानिक रिसर्च के नतीजे एक जैसे नहीं हैं। मिनेसोटा की केमिस्ट डॉ. कैथरीन नेल्सन ने करक्यूमिन से जुड़े 100 से ज्यादा रिसर्च पेपर की समीक्षा की। उनके मुताबिक, करक्यूमिन को लेकर कई बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन इनके समर्थन में मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं।

एक बड़ी समस्या यह भी है कि शरीर करक्यूमिन को आसानी से अवशोषित नहीं कर पाता। इसी वजह से इसके साथ काली मिर्च का इस्तेमाल करने की बात कही जाती है।

बड़े ट्रायल में नहीं मिला स्पष्ट फायदा

कनाडा के प्रोफेसर अमित गर्ग और उनकी टीम ने करक्यूमिन पर बड़े क्लिनिकल ट्रायल किए। करीब 600 मरीजों पर हुए एक अध्ययन में करक्यूमिन से किडनी की चोट और सूजन को रोकने का स्पष्ट लाभ नहीं मिला। किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों पर किए गए दूसरे अध्ययन में भी करक्यूमिन से बीमारी की प्रगति रोकने या किडनी की सेहत सुधारने का पर्याप्त सबूत नहीं मिला।

खाने में हल्दी ठीक, सप्लीमेंट्स में सावधानी

विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य मात्रा में भोजन में हल्दी का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, महंगे करक्यूमिन सप्लीमेंट्स को किसी बीमारी के इलाज के तौर पर लेने से पहले सावधानी जरूरी है। किसी स्वास्थ्य लाभ का दावा तभी ज्यादा भरोसेमंद माना जाना चाहिए, जब उसके पीछे उच्च गुणवत्ता वाली वैज्ञानिक रिसर्च मौजूद हो।

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