Welcomes New Year :अक्सर लोग सोचते हैं कि जैसे ही भारत में नया साल आता है, वैसे ही पूरी दुनिया जश्न में डूब जाती है। लेकिन सच्चाई यह है कि पूरी दुनिया में नया साल एक साथ नहीं आता। इसकी वजह है अलग-अलग देशों का अलग टाइम जोन। हर देश की घड़ी अपने हिसाब से चलती है, इसलिए कहीं नया साल पहले आता है और कहीं काफी देर बाद।
सबसे पहले नया साल कहां आता है?
दुनिया में सबसे पहले नया साल प्रशांत महासागर में स्थित किरिबाती देश में आता है। खास तौर पर किरिबाती के किरीटीमाटी (Kiritimati) द्वीप पर सबसे पहले नए साल की शुरुआत होती है। किरिबाती एक छोटा सा द्वीपीय देश है, लेकिन अपनी खास भौगोलिक स्थिति की वजह से यह दुनिया में सबसे पहले नया साल मनाने के लिए जाना जाता है।
जब यहां घड़ी में रात के 12 बजते हैं और नया साल शुरू होता है, तब दुनिया के कई देश अभी पुराने साल में ही होते हैं। यही वजह है कि किरिबाती का नाम हर साल नए साल की पहली जगह के तौर पर लिया जाता है।
किरिबाती में सबसे पहले क्यों आता है नया साल?
असल वजह है टाइम जोन। किरिबाती UTC+14 टाइम जोन में आता है, जो दुनिया का सबसे आगे चलने वाला टाइम जोन माना जाता है। जैसे ही यहां 1 जनवरी 2026 की शुरुआत होती है, उस वक्त दुनिया के ज्यादातर देश अभी 31 दिसंबर 2025 में ही होते हैं।
भारतीय समय के अनुसार, जब दोपहर करीब साढ़े तीन बजे होते हैं, तब किरिबाती में रात के 12 बज चुके होते हैं और नया साल शुरू हो जाता है। यही कारण है कि भारत से पहले करीब 40 से ज्यादा देश नए साल का स्वागत कर लेते हैं।
किरिबाती के बाद कहां मनाया जाता है नया साल?
किरिबाती के बाद न्यूजीलैंड में नया साल आता है। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया में लोग नए साल का जश्न मनाते हैं। जैसे-जैसे टाइम जोन आगे बढ़ता है, वैसे-वैसे अलग-अलग देशों में रात के 12 बजते जाते हैं और पूरी दुनिया धीरे-धीरे नए साल के रंग में रंग जाती है।
सबसे आखिर में नया साल कहां मनाया जाता है?
अब सवाल यह उठता है कि अगर कोई देश सबसे पहले नया साल मनाता है, तो सबसे बाद में कहां मनाया जाता होगा। इसका जवाब है अमेरिका के हाउलैंड आइलैंड और बेकर आइलैंड। ये दोनों द्वीप UTC-12 टाइम जोन में आते हैं, जो दुनिया का सबसे पीछे चलने वाला टाइम जोन है।
जब यहां नया साल आता है, तब दुनिया के बाकी ज्यादातर देशों में 1 जनवरी काफी पहले शुरू हो चुकी होती है। इसलिए इन्हें नए साल का आखिरी जश्न मनाने वाली जगहें कहा जाता है।
टाइम जोन क्यों है इतना अहम?
टाइम जोन की वजह से ही दुनिया में समय का यह फर्क देखने को मिलता है। पृथ्वी के घूमने के कारण हर देश में एक ही समय पर दिन और रात नहीं होते, इसलिए अलग-अलग टाइम जोन बनाए गए हैं।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य तथ्यों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी आधिकारिक पुष्टि के लिए संबंधित स्रोतों की जांच जरूर कर ले।
