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India Venezuela Oil Deal: ऊर्जा संकट,बढ़ती महंगाई के बीच राहत की उम्मीद, क्या वेनेजुएला करेगा सस्ते कच्चे तेल की सप्लाई

देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और सीएनजी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे समय में भारत के लिए वेनेजुएला बड़ी राहत बनकर सामने आया है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव और होर्मुज संकट के बाद भारत अब वैकल्पिक तेल सप्लाई पर तेजी से काम कर रहा है। इसी बीच Venezuela भारत को लगातार कच्चे तेल की खेप भेज रहा है।

भारत दौरे पर आएंगी डेल्सी रोड्रिगेज

अगला हफ्ता भारत और वेनेजुएला के रिश्तों के लिए काफी अहम माना जा रहा है। वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति Delcy Rodriguez अगले सप्ताह भारत दौरे पर आने वाली हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भी इस दौरे की पुष्टि की है। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच तेल और ऊर्जा सहयोग को लेकर बड़ी बातचीत हो सकती है।

भारत के लिए क्यों जरूरी है वेनेजुएला

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है। ऐसे में ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत 40 से ज्यादा देशों से तेल खरीदता है। होर्मुज संकट के बाद भारत ऐसे देशों की तलाश में है, जहां से बिना किसी रुकावट के तेल की सप्लाई मिल सके। वेनेजुएला इस समय भारत के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभरा है।

तेल भंडार में दुनिया में सबसे आगे

वेनेजुएला के पास करीब 303 अरब बैरल कच्चे तेल का विशाल भंडार है। इसे दुनिया के सबसे बड़े ऑयल रिजर्व वाले देशों में गिना जाता है। हालांकि लंबे समय तक अमेरिकी प्रतिबंध और आर्थिक संकट के कारण वेनेजुएला अपने तेल का सही तरीके से निर्यात नहीं कर पा रहा था। अब हालात बदल रहे हैं और वेनेजुएला अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को कम टैक्स और छूट देकर तेल कारोबार बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

भारत को सस्ता तेल मिल रहा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Reliance Industries समेत कई भारतीय रिफाइनरी कंपनियां वेनेजुएला से बड़ी मात्रा में सस्ता कच्चा तेल खरीद रही हैं। केप्लर डेटा के अनुसार, इस महीने भारत हर दिन करीब 4 लाख 17 हजार बैरल तेल वेनेजुएला से खरीद रहा है। अप्रैल में यह आंकड़ा करीब 2 लाख 83 हजार बैरल प्रतिदिन था।

भारत का तीसरा सबसे बड़ा सप्लायर बना

वेनेजुएला अब भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल सप्लायर बन गया है। उसने अमेरिका और सऊदी अरब जैसे देशों को पीछे छोड़ दिया है। फिलहाल भारत के सबसे बड़े तेल आपूर्तिकर्ता देशों में रूस पहले, संयुक्त अरब अमीरात दूसरे और वेनेजुएला तीसरे स्थान पर है।

दोनों देशों को होगा फायदा

भारत को जहां सस्ता और स्थिर तेल सप्लाई का विकल्प मिलेगा, वहीं वेनेजुएला को भारत जैसा बड़ा बाजार मिलेगा। ऐसे में यह साझेदारी दोनों देशों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है।

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